आजमगढ़।

UGC में लागू होने वाले नये नियमों को लेकर रणवीर सेना की ओर से माननीय राष्ट्रपति महोदया को एक ज्ञापन जिलाधिकारी आजमगढ़ के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता, निष्पक्षता और संविधान प्रदत्त अधिकारों के उल्लंघन को लेकर गंभीर आपत्ति जताई गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि जातिगत, धार्मिक, रंग-भेद, नस्लीय, लिंग आधारित अथवा दिव्यांगता आधारित भेदभाव किसी भी वर्ग के साथ हो सकता है, इसलिए इस संबंध में बनने वाले कानून केवल SC, ST या OBC वर्ग तक सीमित न होकर भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए।

रणवीर सेना ने अपने ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अनुच्छेद सभी नागरिकों को समानता एवं कानून के समान संरक्षण की गारंटी देता है। इसके बावजूद UGC की समानता समिति में सवर्ण वर्ग को शामिल न किया जाना तथा सामान्य वर्ग को शोषित वर्ग की सूची से बाहर रखना अनुच्छेद 14 का प्रत्यक्ष उल्लंघन है।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि यदि किसी के द्वारा की गई शिकायत झूठी पाई जाती है, तो ऐसे मामलों में झूठी शिकायत करने वाले के विरुद्ध जुर्माना अथवा दंड का स्पष्ट प्रावधान किया जाए, ताकि कानून का दुरुपयोग रोका जा सके।

साथ ही यह भी मांग की गई कि भविष्य में किसी भी प्रकार के कानून का निर्माण जाति के आधार पर न किया जाए, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अंत में रणवीर सेना ने माननीय राष्ट्रपति महोदया से इस गंभीर विषय में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *