आजमगढ़। अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम महाज के तत्वावधान में गुरुटोला अनंतपुरा स्थित संकल्प फाउंडेशन कार्यालय पर राष्ट्रभक्त वीर अब्दुल हमीद एवं महान नेता अब्दुल कयूम अंसारी की जयंती के अवसर पर एक भव्य विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद अफजल (सभासद) ने की, जबकि संचालन प्रख्यात साहित्यकार नामी चिरैयाकोटी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दोनों महान विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज जिला अध्यक्ष सदस्य जिला योजना समिति सभासद मोहम्मद अफजल (सभासद) ने कहा कि राष्ट्रभक्त वीर अब्दुल हमीद और महान नेता अब्दुल कयूम अंसारी का जीवन भारतीय इतिहास में राष्ट्रभक्ति, त्याग, संघर्ष और सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। वहीं महान नेता अब्दुल कयूम अंसारी ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, समान अवसर तथा वंचित एवं पसमांदा समाज के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनका उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना था। उनके विचार आज भी सामाजिक सद्भाव, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर हैं। उनकी जयंती हमें यह संदेश देती है कि हम सभी को जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्रहित, सामाजिक एकता और मानवता की सेवा के लिए कार्य करना चाहिए। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए परवेज अहमद ने कहा कि राष्ट्रभक्त वीर अब्दुल हमीद भारतीय सेना के ऐसे अमर योद्धा थे जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर देश का गौरव बढ़ाया। वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में उनका अद्वितीय शौर्य भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। वहीं महान नेता अब्दुल कयूम अंसारी ने सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता, शिक्षा तथा पसमांदा समाज सहित वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके विचार आज भी समाज को समानता, भाईचारे और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते हैं।

अफसार अहमद इदरीसी ने अपने संबोधन में कहा कि वीर अब्दुल हमीद का जीवन साहस, राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का सर्वोच्च उदाहरण है। उनका बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणादायी है। वहीं महान नेता अब्दुल कयूम अंसारी ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक समरसता के लिए आजीवन संघर्ष किया। आज आवश्यकता है कि हम उनके विचारों को आत्मसात करें और समाज में भाईचारा व राष्ट्रीय एकता को मजबूत करें।

मुख्य वक्ता के रूप में युवा भाजपा नेता एवं अधिवक्ता निशीथ रंजन तिवारी ने कहा कि राष्ट्रभक्त वीर अब्दुल हमीद केवल एक वीर सैनिक नहीं, बल्कि भारतीय राष्ट्रवाद, साहस और सर्वोच्च बलिदान के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने 1965 के युद्ध में दुश्मन के अत्याधुनिक पैटन टैंकों को ध्वस्त कर यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प और देशभक्ति के सामने कोई भी शक्ति टिक नहीं सकती। उनका बलिदान भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि महान नेता अब्दुल कयूम अंसारी ने सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, शिक्षा तथा वंचित समाज के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्रहित सर्वोपरि है। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और मानवता की सेवा में आगे आना चाहिए।

कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए साहित्यकार नामी चिरैयाकोटी ने दोनों महान विभूतियों के जीवन एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे महापुरुष संपूर्ण राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने काव्यात्मक उद्बोधन में कहा

«“वो मुहाफिज़ है वतन के बा-कमाल,

वो सिपाही थे देश के बेमिसाल।”

इस अवसर पर प्रमुख रूप से मनीष कृष्ण साहिल, रामजनम निषाद, डॉ. तारिक, खालिद अंसारी ,अरविंद मद्धेशिया शहीद अंसारी, जावेद इदरीसी उर्फ पप्पू इसरार इदरीसी मिट्ठू जुल्फेकार उबैद खान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, साहित्यकार एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रभक्त वीर अब्दुल हमीद एवं महान नेता अब्दुल कयूम अंसारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *