जी.डी. ग्लोबल विद्यालय, करतालपुर बाईपास, आजमगढ़ में देश की स्वतंत्रता के गौरवपूर्ण पर्व स्वतंत्रता दिवस को अत्यंत उल्लास, गरिमा एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में तिरंगे की आन, बान और शान के साथ देशप्रेम का अनुपम वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, ध्वजारोहण, वन्देमातरम् एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा एवं सृजनात्मकता का मनोहारी प्रदर्शन करते हुए वाद्य-यंत्र प्रस्तुति, हिंदी एवं अंग्रेजी भाषण, काव्य-पाठ, देशभक्ति गीत तथा विभिन्न आयु-वर्गों की नृत्य प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया। विशेष रूप से नर्सरी से कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह, उमंग और जीवंतता का संचार किया। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में जहाँ देशप्रेम की निश्छल अभिव्यक्ति दिखाई दी, वहीं वरिष्ठ विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व और गौरव का भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर विद्यालय की गौ-सेवा सहभागिता की पहल भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी ने अपने घर से दो रोटियाँ गौ-सेवा हेतु लाकर इस पुनीत कार्य में सहभागिता की। विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय के प्रबंध-तंत्र ने भी रोटियाँ लाकर इस सेवा-भाव को आगे बढ़ाया। एकत्रित रोटियाँ विभिन्न गौशालाओं में भेजी जाती हैं, जहाँ उन्हें गौ-माता की सेवा में समर्पित किया जाता है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा, करुणा, संवेदना और जीव-जगत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका श्रीमती स्वाति अग्रवाल ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए कहा— “स्वतंत्रता हमें विरासत में मिला कोई सामान्य अधिकार नहीं, बल्कि असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान से अर्जित अमूल्य धरोहर है। आज के विद्यार्थी ही कल के भारत के निर्माता हैं। उनके संस्कार, अनुशासन और कर्मठता ही राष्ट्र की दिशा निर्धारित करेंगे।” प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा— “सच्चा देशप्रेम केवल राष्ट्रीय पर्वों पर अभिव्यक्त होने वाली भावना नहीं, बल्कि हमारे विचारों, व्यवहार और कर्मों में निरंतर दिखाई देने वाला संस्कार है। जब विद्यार्थी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हैं और समाज तथा जीव-जगत के प्रति संवेदनशील बनते हैं, तभी स्वतंत्रता का वास्तविक सम्मान होता है।” कार्यकारी निदेशक श्री श्रीष अग्रवाल ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा— “राष्ट्र का निर्माण केवल बड़ी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के अनुशासन, परिश्रम, ईमानदारी और उत्तरदायित्व से होता है। आज का विद्यार्थी अपने भीतर राष्ट्रप्रेम, सेवाभाव और कर्तव्यबोध का दीप प्रज्वलित करे, यही स्वतंत्रता दिवस की सच्ची सार्थकता है।” विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती दीपाली भुस्कूटे ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे ज्ञान, एकता और मजबूत चरित्र को अपने जीवन का आधार बनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ तथा भारत की स्वतंत्रता, गरिमा और उज्ज्वल भविष्य के योग्य जिम्मेदार नागरिक बनें। समारोह में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ वरिष्ठ समन्वयक श्री जी. के. त्रिपाठी एवं श्रीमती सुमन यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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