यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के अंतर्गत रानी की सराय में मेगा शिविर का आयोजन, 200 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया भाग
आजमगढ़, दिनांक 02 नवम्बर 2026।
वित्तीय समावेशन को जन-जन तक पहुँचाने तथा ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से आच्छादित करने के उद्देश्य से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय आजमगढ़ (उत्तर) द्वारा वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के अंतर्गत आज विकासखंड रानी की सराय में एक भव्य मेगा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की उपायुक्त (Deputy Commissioner) श्रीमती आराधना त्रिपाठी उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय आजमगढ़ (उत्तर) के क्षेत्र प्रमुख मनीष कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) आजमगढ़ अभिषेक कुमार, खंड विकास अधिकारी (BDO) रानी की सराय, मनोज श्रीवास्तव सहित बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं वित्तीय साक्षरता पर विशेष जोर
शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केंद्र सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) एवं अटल पेंशन योजना (APY) के लाभ, पात्रता तथा नामांकन प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से बताया गया। प्रतिभागियों को इन योजनाओं से जुड़कर स्वयं एवं अपने परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अतिरिक्त किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना तथा स्वयं सहायता समूहों को SHG क्रेडिट लिंकेज (CCL) के माध्यम से बैंक ऋण की उपलब्धता एवं स्वरोजगार के अवसरों के बारे में जागरूक किया गया।
शिविर में लगभग 50 लाभार्थियों का मौके पर ही नामांकन
शिविर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि बैंक मित्रों के माध्यम से मौके पर ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत लगभग 50 नामांकन किए गए। इनमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना के नामांकन शामिल रहे। इस पहल से ग्रामीणों को शिविर स्थल पर ही बैंकिंग सेवाओं एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ।
बीमा क्लेम के अंतर्गत ₹2 लाख का चेक वितरित
कार्यक्रम के दौरान यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सामाजिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के अंतर्गत पात्र बीमित व्यक्ति के निधन पर उनकी नामित लाभार्थी राधिका जी को ₹2 लाख की बीमा क्लेम राशि का चेक प्रदान किया गया। यह पहल सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं के महत्व एवं जरूरत के समय परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण उदाहरण रही।
स्वयं सहायता समूहों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शिविर में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) के अंतर्गत ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर कुल 5 स्वयं सहायता समूहों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए, जिससे समूह की महिलाओं को अपने आजीविका संबंधी कार्यों एवं छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
साइबर सुरक्षा, री-केवाईसी एवं वित्तीय जागरूकता पर विशेष सत्र
शिविर में केवल बैंकिंग एवं ऋण सुविधाओं तक ही सीमित न रहते हुए प्रतिभागियों को साइबर अपराध एवं डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, बैंकिंग पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय जानकारियां साझा न करने की सलाह दी गई।
इसके साथ ही री-केवाईसी (Re-KYC), खातों में नामांकन (Nomination), निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय कराने तथा जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता निधि (DEAF Fund) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। उपस्थित लोगों को बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित एवं नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
विभिन्न संस्थाओं की रही सहभागिता
इस मेगा शिविर में CFL आरोह फाउंडेशन, वित्तीय साक्षरता केंद्र (FLC) आजमगढ़ तथा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के निदेशक की भी सहभागिता रही। इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को वित्तीय साक्षरता, स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के अंत में अग्रणी जिला प्रबंधक, आजमगढ़ अभिषेक कुमार द्वारा उपस्थित मुख्य अतिथि, प्रशासनिक अधिकारियों, क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, बैंक मित्रों एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
यह मेगा शिविर वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने, ग्रामीण परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराने तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा इस प्रकार के प्रयासों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधाएं एवं वित्तीय सुरक्षा पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
