आजमगढ़ के महराजगंज थाना क्षेत्र के देवरा जादीद किता सेकंड गांव में रविवार को भोर में 3:30 बजे घर से कुछ दूर आंवला के पेड़ से बीए थर्ड ईयर के छात्र कन्हैया वर्मा की फंदे से लटकी लाश मिली थी। दिन में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक के चाचा चंद्रेश वर्मा ने बताया कि कन्हैया के मन में यह डर समा गया था कि आगे नौकरी नहीं मिलेगी। आजीविका कैसे चलेगी। सिर पर बहुत जिम्मेदारी है। उसके दिमाग में यह आ गया था की पढ़ाई जितना भी कर लो नौकरी नहीं मिली वाली है और कितनी पढ़ाई करनी पड़ेगी। चंद्रेश ने बताया कि कन्हैया के घर की छत भी लदनी थी जिसके लिए पैसे की आवश्यकता थी। इसी सब चिंता में वह डिप्रेशन में आ गया। प्रतिदिन सुबह 3:00 बजे कन्हैया दौड़ने जाता था। 3:30 बजे जब अन्य लोग गेहूं का बोझ उठाने जा रहे थे तब इसकी लाश लटकी देखकर अन्य को सूचना दिए। सुबह हल्की रोशनी होने पर परिजन पहुंचे तब शिनाख्त हुई थी। सुनते हैं चंद्रेश वर्मा ने क्या जानकारी दी।
