गलत इंजेक्शन लगाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई की गई है। विभाग की ओर से सुंदरपुर-उमरपुर में संचालित प्राइवेट अस्पताल को सील किया जाएगा। सीएमओ डॉ. एसके चक ने कहा कि जांच में अस्पताल पर इंजेक्शन लगाने वाले कथिल चिकित्सक के पास काेई डिग्री ही नहीं है। अस्पताल दूूसरे के नाम से पंजीकृत है

कसिदहां गांव निवासी एक अधेड़ की 25 अक्टूबर को इंजेक्शन लगाने के बाद तबीयत बिगड़ गई। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाते हुए दो-दो जांच टीमें गठित की। सीएमओ ने पहली जांच में क्लीन चिट देने वाले जांच अधिकारी एसीएमओ वेतन रोककर उन्हें जांच टीम से हटा दिया। जिसके बाद दो सदस्यीय टीम गठित की गई। जांच टीम ने 13 दिन बाद अपनी रिपोर्ट दी। टीम ने कहा कि क्लीनिक संचालन का कोई मानक ही नहीं है, जो क्लीनिक चल रही है। उसका लाइसेंस धारक दूसरा चिकित्सक है, क्लीनिक के नाम पर एक मेडिकल स्टोर खुला है। उसी में मरीजों को भर्ती उपचार आदि का कार्य किया जाता है, जो क्लीनिक संचालक के मानकों के विपरीत है। जिसके बाद सीएमओ ने प्राइवेट अस्पताल को सील कर दिया। सीएमओ डॉ. एसके चक ने कहा कि अस्पताल को सील कर दिया गया है। मामले में संचालक सहित लाइसेंस में पंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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