Site icon Akclivenews18

पीतांबरा धाम सरकार ट्रस्ट आजमगढ़ संस्थापक पूज्य श्री विवेकानंद पराशर 

आज ज्येष्ठ माह के पंचम मंगलवार को आजमगढ़ में स्थित बाके बिहारी जी के मंदिर प्रांगण में योग कला के बच्चों के बीच सुंदर कांड की पुस्तक सभी वितरण किया गया और सभी लोग मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किए योग के माध्यम से सभी लोग अपना कला प्रस्तुति दिखाई सभी बच्चों को हनुमान के जी इस पावन शुभ अवसर कुछ विशेष प्रसाद वितरण हुआ

कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को सादर जय माई जिसमें संस्था की प्रदेश अध्यक्ष अनीता सिंह जी एवं रेनू चौधरी जीऔर RSS से शाश्वत कुमार जी rss गोरखपुर अभिषेक कुमार यादव जी आरेश जी पटेल

अर्चना सिंह अन्नत कुमार दुबे बाल कृष्ण पाण्डेय ऋचा द्विवेदी जी श्री माई अर्चना कुशवाहा जी ओर अर्चना पाण्डेय जी अशोक गुप्ता जी एवं सभी गणमान्य लोग उपस्थित हुए।

पूज्य श्री महराज जी का एक संदेश की सनातन को आगे मां पीतांबरा पीठ आजमगढ़ में बनवाना और गुरुकुल खोल कर अपने वेदों पाठ का अध्ययन करवाना और समाज में सनातन को घर घर तक पहुंचना सनातन धर्म के बिषय में जितना कहा जाये कम ही है। सनातन धर्म जिसका न आदि है न अन्त ही है। सनातन धर्म की महिमा अनंत है। हमारे सनातन धर्म में कहा जाता है कि सर्वे भवन्तु: सुखिनः अर्थात सभी जीवों की सुख-समृद्धि की कामना। हमारे सनातन धर्म में चार वेद है- सामवेद ,यजुर्वेद ,अर्थववेद जो सनातन धर्म के मूल ग्रन्थ है। भारतीय संस्कृति में आत्मा की अमरता के विषय में बताया गया है आत्मा जो कभी नहीं मरता जिसे हवा सुखा नहीं सकती, आग जला नहीं सकती, तलवार काट नहीं सकती। हमारे सनातन धर्म में धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष – जीवन के चार उद्देश्य बतलाए गए हैं। भारतीय संस्कृति में. आस्तिक और नास्तिक दोनों का सम्मान किया जाता है। सनातन धर्म में योग और ध्यान का महत्व है बताया गया है योग से तन तंदुरुस्त रहता है और ध्यान से मन और बुद्धि तन्दरुस्त रहती है। हमारे सनातन धर्म में अनादि काल से चली आ रही गुरु और शिष्य परम्परा जिसका महत्व बता पाना बहुत ही कठिन है। सबको सादर जय माई की

Exit mobile version