आजमगढ़ ब्लॉक जहानागंज के पेवठा ग्राम सभा में मनरेगा के नाम पर खुलेआम लूट हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी कुम्भकर्ण की नीद सो रहे हैं। कोई लाख शिकायत कर ले लेकिन ब्लॉक जहानागंज के अधिकारियों पर कोई फर्क नही पड़ने वाला है। किसी की शिकायत पर ब्लॉक व जिले के अधिकारी जाँच करने तो जाते जरूर हैं। लेकिन एक मोटी रकम लेने के बाद सब ठीक करके मनमानी तरीके से गलत रिपोर्ट लगा देते हैं। पेवठा गाँव मे मनरेगा के नाम पर लूट खसोट जोरो पर हो रहा है। सब काम केवल पेपर में दिखाकर सरकार का धन मनरेगा के नाम पर बन्दर बाँट कर लिया जाता है। मुस्ट्रोल चालू है 115 लेबर की हाजिरी भी लगी हुई है। पोखरी की खुदाई केवल पेपर में हो रही है। मौके पर एक भी लेवर नही मिले हैं। अफसोस तो इस बात का है कि मौके पर एक लेबर नही दिखे और ना ही एक भी फावड़ा मिट्टी निकाली गई है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग अप्रैल मई महीने में जेसीबी से मिट्टी रात में निकाली गयी थी। वह भी केवल दो रात में ही निकाली गई हैं। कुछ लोगो ने बताया कि मिट्टी को बेच दिया गया है। सरकार की योजना गरीबों तक नही पहुँच पा रहा है। और नही पात्रों को आवास व शौचालय ही मिल सका है। इतना ही नही कितना सरकारी धन को इंडिया मार्का मसीन के रिबोर के नाम व शोखता निर्माण में सरकारी धन का खेल खेला गया होगा ये तो जाँच का विषय है। दिल को झकझोरने वाली बात तो यह है कि मार्च महीने से लेकर अब तक 25 लाख रुपये का मनरेगा से काम भी हो चुका है। कितना काम धरातल पर हुवा है यह तो सचिव व प्रधान ही बता पाएंगे, अधिकतर काम पेपर में ही सिमट कर रह गया है। धरातल पर कुछ भी नही दिखेगा, दस्तविन व सीमेंट ब्रेंच का भी पैसा गोल माल कर लिया गया है। वही मौके पर पहुंचे मीडिया की टीम से ग्रामीणों ने क्या कहा आइये दिखाते हैं एक रिपोर्ट।
क्यों नही होगी योगी सरकार बदनाम,जब प्रधान व सचिव लूटेंगे सरकार का धन

