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उर्स हाफ़िज़-ए-मिल्लत के पहले दिन जायरीनों का उमड़ा हुजूम ,नेताओं ने भी दी हाज़री।

संवाददाता शरफुद्दीन आज़मी

दअरसल पूरी दुनियाँ मे प्रसिद्ध अरबी यूनिवर्सिटी अल जामिअतुल अशरफिया मुबारकपुर के संस्थापक हुज़ूर हाफिज़-ए-मिल्लत अल्लामा शाह अब्दुल अज़ीज़ मोहद्दिस मुरादाबादी का दो दिवसीय उर्स का पहला दिन शनिवार को अल सुबह फज्र की नमाज़ के बाद कुरान ख्वानी से आगाज किया गया।

इस के साथ ही उर्स हुज़ूर हाफ़िज़-ए-मिल्लत के पहले दिन मुबारकपुर क़स्बा के मोहल्ला पुरानी बस्ती लगभग तीन बजे उनकी कयामगाह से सरबराहे आला अल्लामा शाह अब्दुल हफीज़ की केयादत में चादर जुलूस निकाला गया। यह चादर जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होते हुए लाल चौक , बड़ी अर्जेन्टी, रोडवेज़ होते हुए अल जामिअतुल अशरफिया के परिसर रौज़े हाफिज़-ए-मिल्लत पर पहुंची। इसके साथ नगर व आसपास के मुहल्लों से हाफ़िज़ ए मिल्लत की मज़ार पर चादर जुलूस लेकर मनकबत का नज़राना पेश करते हुए जाते हैं। बतादें की एशा की नमाज़ के बाद जलसा का आयोजन होगा जिसमें उलेमा ए दीन खिताब करेंगें।

इस अवसर पर आरके ग्रुप के संस्थापक डॉ प्रेम प्रकाश यादव हाफ़िज़ ए मिल्लत की मज़ार पर पहुँचकर चादर पोशी व फातेहा पढ़ा और देश में अमन शान्ति की दुआ की।

आर के ग्रुप के संस्थापक डॉक्टर प्रेम प्रकाश यादव ने कहा इस मौके पर देश के कोने कोने से लोग आते हैं और अपनी खुशहाल ज़िंदगी के लिए दुआ माँगते हैं। मैं बचपन से इस उर्स के मौके पर शामिल होता हूँ और अपने इलाके के लिए अमन चैन की दुआ मांगता हूँ।

जिला पंचायत क्षेत्र गजहढ़ा से रामप्रवेश यादव ने भी चादर पोशी के बाद कहा कि हाफिज़ ए मिल्लत साहब ने पैगाम दिया था आपीसी भाईचारा वह आज भी यहाँ कायम है इसके लिए हम सभी लोग उनका स्वागत करते हैं

इस अव आदि लोग उपस्थित रहे।

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