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सामाजिक समरसता व दलित-पिछड़े वर्गों की एकजुटता पर आजमगढ़ में ऐतिहासिक बैठक

आजमगढ़

जनपद मुख्यालय स्थित हरिऔध कला केंद्र परिसर में रविवार को भगवान निषाद राज जनसेवा समिति के तत्वावधान में एक ऐतिहासिक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता को मजबूत करने और राजनीति में दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक वर्गों की एकजुटता सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। मौके पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और विभिन्न जनपदों से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक की अध्यक्षता चौधरी सत्यराज अंसारी ने की, जबकि संचालन दीपक साहनी गुरुजी ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक धर्मेंद्र निषाद ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में शोषित और वंचित वर्गों का एक मंच पर आना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं, बल्कि सभी वर्गों को समान संवैधानिक अधिकार दिलाना है।

वक्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि किस प्रकार जातियों और समुदायों को विभाजित कर उनकी राजनीतिक शक्ति को कमजोर किया जा रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर यह निर्णय लिया गया कि संगठन गांव-गांव जाकर सामाजिक एकता का संदेश देगा और दबे-कुचले लोगों की आवाज बुलंद करेगा।

समन्वय बैठक में बलिया, मऊ, प्रयागराज समेत कई जिलों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं व अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में कानूनी व संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।

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