Site icon Akclivenews18

आजमगढ़ में सुभासपा की ‘सामाजिक समरसता महारैली’ 22 फरवरी को, एक लाख से अधिक भीड़ का दावा

अतरौलिया के अहिरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज में होगा आयोजन, पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा संदेश देने की तैयारी

आजमगढ़।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री एवं ओम प्रकाश राजभर पूर्वांचल में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी में हैं। एनडीए गठबंधन का हिस्सा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 22 फरवरी 2026 को आजमगढ़ जनपद की अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के अहिरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज में ‘सामाजिक समरसता महारैली’ का आयोजन करने जा रही है।

पार्टी का दावा है कि इस महारैली में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी होगी। साथ ही दस हजार से ज्यादा प्रबुद्ध ब्राह्मणों के शामिल होने की बात कही जा रही है। सुभासपा इस आयोजन के जरिए राजभर, ब्राह्मण, क्षत्रिय, चौहान, नाई, निषाद समेत समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर प्रदेश भर में व्यापक राजनीतिक संदेश देने की रणनीति पर काम कर रही है।

आजमगढ़ में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

रैली में राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना के हजारों कमांडरों के शामिल होने की भी जानकारी दी गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह महारैली संगठन की अनुशासन क्षमता और ताकत का प्रदर्शन करेगी। उनका दावा है कि यह आयोजन पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा संकेत देगा और एनडीए गठबंधन की मजबूती को दर्शाएगा।

सपा का गढ़ रहा है आजमगढ़

राजनीतिक दृष्टि से आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। लोकसभा चुनाव में भी आजमगढ़ सीट पर समाजवादी पार्टी को सफलता मिली थी।

2022 में दोबारा सरकार बनने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर एनडीए में वापसी की थी। इसके बाद से वह लगातार अतरौलिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और कई बार यहां डेरा डाल चुके हैं।

अरुण राजभर का आठ महीने से डेरा

ओम प्रकाश राजभर के छोटे बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर भी लगभग आठ महीने से अतरौलिया क्षेत्र में सक्रिय रूप से डेरा डाले हुए हैं। वहीं सुभासपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर रैली को सफल बनाने में जुटे हैं।

अरविंद राजभर का दावा है कि आजमगढ़ में अब तक इतनी बड़ी रैली किसी ने नहीं की होगी। उन्होंने कहा कि इस महारैली से बड़ा सियासी संदेश जाएगा और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में एनडीए यहां की सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगा।

अब देखना होगा कि सुभासपा की यह सामाजिक समरसता महारैली पूर्वांचल की राजनीति में कितना प्रभाव डालती है और आगामी चुनावी समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ता है।

Exit mobile version