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महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या की अध्यक्षता में जनसुनवाई, 16 मामलों में 5 का मौके पर निस्तारण

आजमगढ़, 09 मार्च।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या की अध्यक्षता में सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान कुल 16 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें घरेलू हिंसा, जमीनी विवाद सहित अन्य मामलों से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं। आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने इनमें से 5 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया, जबकि शेष 11 मामलों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के लिए निर्देशित किया।

इस दौरान उन्होंने पीड़ित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि महिलाओं को किसी भी प्रकार से डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि आज की महिला को सशक्त, मजबूत, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है, तभी समाज में महिलाओं की स्थिति और अधिक मजबूत होगी।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह ने महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना तथा वन स्टॉप सेंटर योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इसके बाद महिला आयोग की सदस्य ने ब्लॉक रानी की सराय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की स्थिति सामान्य पाई गई तथा सभी कार्मिक उपस्थित मिले। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।

इसके उपरांत उन्होंने थाना रानी की सराय का भी औचक निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं सामान्य पाई गईं।

जनसुनवाई कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर, उपजिलाधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, महिला थानाध्यक्ष, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी, बाल कल्याण समिति तथा वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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