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मजबूत वैश्विक मुद्रा अमेरिका- इजराइल व ईरान युद्ध का मुख्य कारण, प्रो. एल.एन.कोली

सुविवि के प्राध्यापक एवं छात्र अमेरिका-इजरायल एवं ईरान युद्ध के मुख्य कारणों पर शोध करें,कुलपति

आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ परिसर में स्थित शैक्षणिक भवन एक के सेमिनार हाल में वाणिज्य विभाग द्वारा विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष द्वारा मां सरस्वती के चित्र अर्पित कर की गई। विश्वविद्यालय की बेटियों ने सरस्वती वंदना करके माहौल को संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने किया।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि कार्यक्रम में सर्वप्रथम कुलपति जी ने मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय का लोगो, अंगवस्त्रम् तथा पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आगरा से पधारे प्रसिद्ध शिक्षाविद् प्रो. एल.एन. कोली ने छात्रों को वैश्विक मुद्रा के उतार-चढ़ाव के बारे में विस्तार से समझाया। इस महत्वपूर्ण सत्र में डॉ. सुब्हान अल्लाह सिद्दीकी, डॉ. मानेंद्र यादव, डॉ. रोहित पांडेय और वैशाली सिंह की उपस्थिति रही, साथ ही बी.कॉम और एम.कॉम के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के प्रभाव को समझा।

अपने संबोधन में प्रो. एल.एन. कोली ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक तनाव, विशेष रूप से अमेरिका, इजरायल और ईरान के संदर्भ में, ‘हार्ड करेंसी’ केवल विनिमय का माध्यम नहीं बल्कि एक शक्तिशाली हथियार है। उन्होंने विस्तार से बताया कि अमेरिका डॉलर की वैश्विक स्वीकार्यता का उपयोग ईरान जैसे देशों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने के लिए करता है, जिससे ईरान की अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने की क्षमता सीमित हो जाती है। इसके विपरीत, युद्ध की स्थिति में इजरायल और अमेरिका जैसी अर्थव्यवस्थाएं अपनी मुद्रा की स्थिरता के कारण वैश्विक बाजारों से संसाधन जुटाने और अपनी सैन्य आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने में सक्षम होती हैं। प्रो. कोली ने इस बात पर जोर दिया कि ‘हार्ड करेंसी’ संकट के समय देशों को मजबूती प्रदान करती है, जहाँ डॉलर या यूरो जैसी मुद्राओं का भंडार रखने वाले देश युद्ध के समय भी अपनी आर्थिक स्थिति की रक्षा कर सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अपना प्रभाव कायम रख सकते हैं।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों को नई तकनीक और अंतर्राष्ट्रीय जानकारी के लिए प्रेरित करते हैं विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापक यह ध्यान दें कि आप स्वयं तथा छात्र-छात्राओं को इस महत्वपूर्ण विषय पर शोध के लिए प्रेरित करें, जिससे वैश्विक स्तर पर नित नई घटनाओं से हमारी नई पीढ़ी अपडेट रहे। कुलपति जी ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन समिति को तथा प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग की छात्रा प्रीति यादव ने किया।

डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ मो.नं. 9452 44 5878

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