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शिब्ली नेशनल कॉलेज में न्यायमूर्ति सैयद क़मर हसन रिज़वी का मार्गदर्शक संबोधन

आज़मगढ़। शिब्ली नेशनल कॉलेज में आज एक भव्य ओरियंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति सैयद क़मर हसन रिज़वी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व वित्त सचिव शाहिद मंज़र अब्बास रिज़वी ने भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न हुआ। प्रथम चरण में महाविद्यालय में संचालित सीएसआईआर-यूजीसी नेट कोचिंग के विद्यार्थियों के लिए ओरियंटेशन सत्र आयोजित किया गया, जबकि द्वितीय चरण में विधि विभाग के विद्यार्थियों हेतु विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित हुआ। यह आयोजन ‘शिबलीज़ विज़न फॉर एजुकेटेड यूथ’ कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के परिचय के साथ हुआ, जिसमें संस्थान की गौरवशाली परंपरा, शैक्षिक उपलब्धियों एवं उद्देश्यों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया गया। इसके पश्चात प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अबूसाद शम्सी एवं प्राचार्य प्रो. अफ़सर अली द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।

महाविद्यालय की परंपरा के अनुसार कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत कुरआन की तिलावत से की गई। कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मोहम्मद खालिद ने प्रभावी ढंग से किया। स्वागत भाषण विधि विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) काज़ी नदीम आलम द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कोचिंग कार्यक्रम के उद्देश्य एवं महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक डिग्री तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने यह भी बताया कि सीएसआईआर-यूजीसी नेट कोचिंग के अंतर्गत विद्यार्थियों को अनुभवी एवं विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा निःशुल्क मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर किंतु प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए महाविद्यालय की इस पहल के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह निःशुल्क कोचिंग उनके भविष्य को दिशा देने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सैयद क़मर हसन रिज़वी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में सफलता के मूल मंत्र बताते हुए समय प्रबंधन के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए समय का सुनियोजित एवं अनुशासित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने स्मरण शक्ति के प्रभावी उपयोग पर बल देते हुए विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहने की सलाह दी।

विशिष्ट अतिथि शाहिद मंज़र अब्बास रिज़वी ने अपने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

अतिथि अब्दुल समद ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करने, सकारात्मक सोच बनाए रखने तथा धैर्यपूर्वक प्रयास करते रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया तथा महाविद्यालय की इस निःशुल्क कोचिंग पहल की सराहना की।

समापन अवसर पर प्राचार्य प्रो. अफ़सर अली ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा आश्वासन दिया कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के हित में इस प्रकार की शैक्षिक पहल को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगा।

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