(शिब्ली नेशनल कॉलेज में “न्यूक्लियर अभिक्रियाओं एवं न्यूक्लियर रिएक्टरों का परिचय” विषय पर संगोष्ठी आयोजित)
आज़मगढ़, 15 अप्रैल 2026।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान शिब्ली नेशनल कॉलेज में आज भौतिकी विभाग द्वारा “न्यूक्लियर अभिक्रियाओं एवं न्यूक्लियर रिएक्टरों का परिचय” विषय पर एक उच्च स्तरीय शैक्षणिक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर संकाय सदस्यों, शोधार्थियों तथा स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। संगोष्ठी में न्यूक्लियर विज्ञान के मूल सिद्धांतों तथा रिएक्टर प्रौद्योगिकी में हो रहे नवीन विकासों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. अरशद कमाल द्वारा किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ डॉ. अज़ीज़ुर्रहमान द्वारा क़ुरआन की तिलावत से किया। मुख्य वक्ता डॉ. सिराज अहमद अंसारी (रेडियोकेमिस्ट्री प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई) का स्वागत शिब्ली नेशनल कॉलेज के प्रबंधक श्री अतहर रशीद साहब द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर किया गया। वहीं भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. सैयद ताहिर हुसैन ने श्री अतहर रशीद साहब का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
मुख्य वक्ता के रूप में अपने व्याख्यान में डॉ. सिराज अहमद अंसारी ने न्यूक्लियर रिएक्टरों के मूल सिद्धांतों, विशेष रूप से प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने भारत के न्यूक्लियर ऊर्जा कार्यक्रम की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में संभावनाओं से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करते हुए करियर संबंधी मार्गदर्शन दिया और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में प्रवेश की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने विशेष रूप से GATE एवं CSIR-NET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. सैयद ताहिर हुसैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें प्रेरित किया। संगोष्ठी का समापन प्रो. इमरान अज़ीज़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरशद कमाल ने किया।
इस अवसर पर शिब्ली नेशनल कॉलेज के अनेक प्राध्यापकगण उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रो. सैयद ताहिर हुसैन, प्रो. इमरान अज़ीज़, प्रो. मोहम्मद खालिद, डॉ. मोहम्मद सुलेमान, डॉ. अरशद कमाल, डॉ. बेलाल उस्मानी, डॉ. ताहिर हुसैन, डॉ. अज़ीज़ुर्रहमान तथा डॉ. सुहैल अहमद सिद्दीकी शामिल थे।

