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वैदिक शिक्षा बोर्ड की पहल विद्या कास मास किडज़ी स्कूल’ का आज़मगढ़ में भव्य शुभारंभ

वैदिक शिक्षा बोर्ड की पहल विद्या कास मास किडज़ी स्कूल’ का आज़मगढ़ में भव्य शुभारंभ, भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने दिया ‘मूल से आधुनिकता’ का मंत्र

आजमगढ़, 27 अप्रैल 2026:भारतीय शिक्षा पद्धति को वैश्विक मंच पर पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आज आज़मगढ़ जिले के परानापुर, घोरठ स्थित ‘विद्या कास मास किडज़ी स्कूल’ का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस श्री नागेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर विद्यालय का लोकार्पण किया।

मुख्य अतिथि के प्रमुख विचार:

1. शिक्षा का भारतीयकरण:श्री सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “अब समय आ गया है कि हम मैकाले की शिक्षा पद्धति की सीमाओं से बाहर निकलें। हमें भारतीय मौलिक दार्शनिक दृष्टिकोण को आधुनिक 21वीं सदी की दक्षताओं—क्रिटिकल थिंकिंग, डिजिटल लिटरेसी, इनोवेशन—के साथ समन्वित करना होगा। यही ‘भारतीय शिक्षा बोर्ड’ का मूल विज़न है।”

2. बाल्यावस्था पर फोकस: उन्होंने विशेष बल देते हुए कहा कि शिशु से 14 वर्ष तक की आयु बच्चों के मस्तिष्क विकास का स्वर्णिम काल है। “इस उम्र में दिए गए संस्कार और कौशल जीवनभर साथ रहते हैं। इसलिए हमारा लक्ष्य इस आयु वर्ग में भारतीय मूल्यों के साथ-साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।”

3. राष्ट्र निर्माण में योगदान: छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने आह्वान किया कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाले नेतृत्वकर्ता बनें। “अपने हुनर को पहचानो, उसे तराशो और भारत को पुनः ‘विश्व गुरु’ के पद पर स्थापित करने में योगदान दो।”

4. योग, आयुर्वेद और संस्कृति: श्री सिंह ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने का मार्ग योग, आयुर्वेद और हमारी सनातन जीवन पद्धतियों से होकर जाता है। “जब हमारा बच्चा शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संतुलित होगा, तभी वह वैश्विक नेतृत्व कर सकेगा। स्कूलों में इन विषयों का व्यावहारिक समावेश अनिवार्य है।”

मेधावी छात्र सम्मानित:

कार्यक्रम के दौरान अकादमिक व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को पदक व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इससे बच्चों में उत्साह का संचार हुआ।

वैदिक शिक्षा बोर्ड का दृष्टिकोण:

भारतीय शिक्षा बोर्ड, वैदिक शिक्षा के आधुनिक स्वरूप को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘विद्या कास मास किडज़ी स्कूल’ इसी श्रृंखला की एक कड़ी है, जहाँ वेद-आधारित मूल्य, संस्कृत, नैतिक शिक्षा के साथ-साथ कोडिंग, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक विधाओं का भी समावेश होगा।

कार्यक्रम में स्थानीय गणमान्य नागरिक, अभिभावक व शिक्षाविद उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि एवं सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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