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शहीदों के परिवारों का सहारा बना लाइफ लाइन हॉस्पिटल, सेवा और समर्पण की मिसाल

निःशुल्क इलाज और मानवीय संवेदना के साथ जरूरतमंदों के लिए आगे आया अस्पताल

आजमगढ़। देश की सीमाओं पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों के परिवारों की जिम्मेदारी केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की होती है। इसी भावना को साकार करते हुए लाइफ लाइन हॉस्पिटल ने एक सराहनीय पहल की है।

अस्पताल द्वारा अपने स्थापना दिवस से ही शहीदों के परिजनों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को निःशुल्क एवं समर्पित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले परिवारों की सेवा करना समाज का कर्तव्य है।

इसी कड़ी में हाल ही में एक गंभीर घटना ने इस सेवा भाव को और गहराई से उजागर किया। शहीद सैनिक की माताजी एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गईं, जिनकी स्थिति बेहद नाजुक थी और तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में अस्पताल के डॉक्टरों की टीम—डॉ. ज्ञानेंद्र चौधरी, डॉ. ओमकार, डॉ. नीरज सिंह सहित एनेस्थीसिया विशेषज्ञों ने बिना किसी देरी के पूरी रात कठिन परिश्रम करते हुए सफल ऑपरेशन किया।

बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन काफी जटिल और जोखिम भरा था, जिसमें मरीज के ब्रेन के दोनों तरफ सर्जरी करनी पड़ी। डॉक्टरों की कुशलता और समर्पण के चलते ऑपरेशन सफल रहा और अब मरीज स्वस्थ होकर नई जिंदगी की ओर अग्रसर हैं।

लाइफ लाइन हॉस्पिटल का कहना है कि यह केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण है। अस्पताल ने भविष्य में भी इसी भावना के साथ शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों की सेवा जारी रखने का संकल्प लिया है।

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