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मेरठ में किसान नेता की पिटाई का आरोप, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

SOG कार्यालय में हाथ-पैर बांधकर पीटने का आरोप, SSP हटाए गए; DIG ने संभाली जांच

मेरठ। किसान नेता दिग्विजय भाटी ने मेरठ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर SOG कार्यालय ले जाकर हाथ-पैर बांधकर बर्बरता से पीटा गया। मामले में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर भी मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। एक पत्रकार के सवाल पर इंस्पेक्टर द्वारा कथित तौर पर यह कहे जाने की बात सामने आई है कि उन्होंने “SSP के आदेश का पालन किया।”

दिग्विजय भाटी के अनुसार, पहले उन्हें तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय के कार्यालय में कथित रूप से लात-घूंसों और जूतों से पीटा गया। इसके बाद SOG कर्मी उन्हें अपने साथ ले गए, जहां आधी रात तक मारपीट किए जाने का आरोप है।

बताया जा रहा है कि सपा विधायक अतुल प्रधान पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद दिग्विजय भाटी को देर रात छुड़ाकर ले गए थे। आरोप है कि उस समय मामले को सोशल मीडिया पर न लाने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, अगली सुबह दिग्विजय की सूजी हुई आंख सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और इसकी जानकारी सपा प्रमुख अखिलेश यादव तक पहुंची।

मामले के बाद पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल हुआ है। SSP अविनाश पांडेय को पद से हटा दिया गया है, जबकि सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। DIG अभिषेक सिंह जांच के लिए मेरठ पहुंच चुके हैं।

फिलहाल पूरे प्रकरण में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही मारपीट के आरोपों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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