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प्रशासनिक जांच में डॉक्टर को मिली राहत, आरोपों के पक्ष में नहीं मिले पर्याप्त तथ्य

आजमगढ़। अनिशा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. अबरार अहमद ने प्रेसवार्ता कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। डॉ. अबरार अहमद का कहना है कि पूर्व में उनका अस्पताल दूसरी जगह संचालित होता था, जहां अनीता चौधरी नाम की महिला कार्यरत थीं। जगह कम होने के कारण नया अस्पताल शुरू किया गया और महिला को अस्पताल के संचालन में हिस्सेदारी दी गई।

डॉ. अबरार अहमद के मुताबिक, शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में महिला द्वारा अस्पताल पर कब्जे की नीयत से उन्हें कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जाने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ धर्मांतरण कर शादी करने जैसे गंभीर आरोप लगाकर अधिकारियों से शिकायत की गई।

डॉ. अबरार ने बताया कि मामले की जांच जहानागंज थाने को सौंपी गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से भी अपना पक्ष रखा। डॉक्टर का दावा है कि जांच में लगाए गए आरोपों को गलत और बेबुनियाद पाया गया। इसके बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां उनके अनुसार महिला की ओर से की गई कार्रवाई खारिज कर दी गई।

डॉ. अबरार अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि दोबारा थाने में शिकायत के बाद दूसरे हल्के के एक दारोगा द्वारा उन्हें अस्पताल खाली करने और मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

डॉ. अबरार ने कहा कि वह क्षेत्र में प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं और इन आरोपों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन का धन्यवाद करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की। डॉक्टर का कहना है कि उनके पास अपने दावों से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं।

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