Site icon Akclivenews18

OBC मुस्लिम और मुस्लिम दलितों के हक की आवाज, नुरूल हुदा ने उठाए चार सूत्रीय मांगें

गोरखपुर : राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ, छात्र संघ पूर्व महामंत्री SNCSU नुरूल हुदा के नेतृत्व में जिला अधिकारी महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय व माननीय प्रधान मंत्री महोदय के नाम चार सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकार बंधुओं से वार्ता करते हुए नुरूल हुदा प्रदेश अध्यक्ष यूथ ने समाज वादी के PDA , कांग्रेस , बीजेपी और बसपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि OBC मुस्लिम जातियों और मुस्लिम दलित जातियों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में तो इस्तेमाल किया गया पर इनके शैक्षिक , सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक पिछड़ेपन पर आजादी के 80 साल बाद भी किसी का ध्यान नहीं गया आज वह भुखमरी के कगार पर है रोजी का कोई जरिया नहीं है उनका पेशा भी छींनता जा रहा है और इनको संवैधानिक अधिकार से कोसों दूर कर दिया गया है मोदी जी भी सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं तो कुरैशी, मंसूरी , मुस्लिम बहेलिया ,जुलाहॉ , ढफाली , बखखो, दर्जी, चिकवा , पमरिया, नट , कोईरी , इराकी आदि मुस्लिम जातिया हैं साहब इनको भी मौका मिलना चाहिए यह नुरूल हुदा नहीं सच्चर कमेटी की रिपोर्ट 2006 , रंगनाथ मिश्रा आयोग 2007 , काका काकलर कमिशन , बाल कृष्णन जाँच पिछले सालों तक करती रही और मंडल कमीशन ने भी कहा कि जब तक उपरोक्त 18 मुस्लिम जातियों को SC St में नहीं डाला जाता है तबतक इनको OBC में रखते हुए आरक्षण दिया जाए जबकि रोहणि कमिशन ko आम किया जाए! हुदा ने कहा कि बहुत सी ऐसी जातियों हैं जो अभी OBC में ले जाने की लड़ाई लड़ रहे हैं आजादी के 80 साल बाद भी इसमें से अधिकतर मुस्लिम जातियां कभी राज्य सभा, विधानसभा, विधानपरिषद और लोक सभा में नहीं पहुंच पायीं यहां तक कि बहुत सी जातियों के एक भी नगर अध्यक्ष तक नहीं हैं आजादी के बाद से सिर्फ़ वोट बैंक बने हुए हैं कांग्रेस के बाद उत्तर प्रदेश में ये सब समाजवादी पार्टी के ही वोटर बने हुए है इनके संवैधानिक अधिकार की लड़ाई पर चुप्पी तोड़े , माननीय अखिलेश यादव जी और राहुल गांधी समेत सभी सेकुलर दल इस समाज को राजनैतिक भागीदारी और संवैधानिक अधिकार के सवालों को लेकर गंभीर नहीं हुए और राजनैतिक भागीदारी सुनिश्चित नहीं किए तो सड़क से संसद और विधानसभा तक ही नहीं बल्कि इनको सड़क पर घेरते रहेगे आवाज़ बुलंद करने हेतु सभी राजनैतिक नेताओं के दफ्तर और सडकों पर घेरते हुए सवाल पूछते रहेगे कि हमको इन्साफ़ कब और किस राजनैतिक दल से मिलेगा ?

मुख्य मांगे –

1 . संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 से धार्मिक प्रतिबंध हटाया

2 . मुस्लिम दलित जातियों को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के लिए “अरज़ाल आयोग” का गठन किया जाए

3 . मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत अन्य छूटी हुई जातियों को उत्तर प्रदेश OBC के लिस्ट में शामिल किया जाए

4 . उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में बिहार के तर्ज पर कर्पूरी फार्मूला लागू किया जाए

ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से शोहराब , शहाबुद्दीन रंगरेज , जहूर BDC, एकरामुल हक़, अब्दुल्लाह, शब्बिर गोरखपुरी , मतिउददिन खान प्रदेश सचिव , डॉ गुलजार रहमानी, मुस्तफ़ा हवारी , अशरफ इदरीसी, शहाबुद्दीन माली, आरिफ रहमानी, शमशेर फ़कीर , शोहराब आलम प्रदेश अध्यक्ष पवरियां समाज , शमशाद बागवान ( मुस्लिम माली) , प्रवेज राइन , मेराज नट , डॉ महबूब अब्बासी आदि बड़ी संख्या में पसमांदा व दलित मुस्लिम समुदाय के लोग उपस्थित थे!

Exit mobile version