कक्षा 10वीं और 12वीं के अभिभावकों को दिखाई गई एलओसी, नाम और जन्मतिथि में त्रुटि सुधारने का मिला अवसर
आजमगढ़। सीपीएस स्कूल में अर्धवार्षिक परीक्षा परिणाम वितरण के साथ कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के अभिभावकों के लिए विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम वितरित करने के साथ ही आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार की गई सूची (एलओसी-लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) का भी सत्यापन कराया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के नाम, जन्मतिथि और अन्य व्यक्तिगत विवरणों में संभावित त्रुटियों को समय रहते दूर करना था।
विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जानकारी ध्यानपूर्वक जांचने की सलाह दी। खासकर कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के अभिभावकों को बताया गया कि बोर्ड के निर्धारित नियमों के तहत विवरणों में सुधार का यह महत्वपूर्ण अवसर है। एलओसी फाइनल होने के बाद संशोधन की प्रक्रिया कठिन हो सकती है, इसलिए सभी जानकारियों का समय रहते सत्यापन जरूरी है।
सरकारी दस्तावेजों से मेल खाने चाहिए नाम और विवरण
विद्यालय की ओर से अभिभावकों को समझाया गया कि उनके नाम की स्पेलिंग आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेजों में एक समान होनी चाहिए। इसी तरह विद्यार्थियों के नाम और जन्मतिथि भी संबंधित प्रमाणपत्रों एवं विद्यालय के अभिलेखों में सही दर्ज होने चाहिए। कई बार अलग-अलग दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग अलग होने से बोर्ड परीक्षा के दौरान या भविष्य में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, विद्यार्थियों के प्रवेश के समय जमा किए गए दस्तावेजों के आधार पर ही उनके शैक्षणिक अभिलेख तैयार किए जाते हैं। कक्षा के अनुसार जन्म प्रमाणपत्र और स्थानांतरण प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेजों का भी महत्व होता है। इसके साथ ही यू-डायस पोर्टल पर विद्यार्थियों का विवरण दर्ज किया जाता है, इसलिए सही जानकारी उपलब्ध कराना विद्यालय और अभिभावक दोनों की जिम्मेदारी है।
अभिभावकों से की गई विशेष अपील
विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के सभी दस्तावेजों और बोर्ड परीक्षा के लिए भरे गए विवरणों को गंभीरता से जांचें। यदि नाम, जन्मतिथि या किसी अन्य जानकारी में गलती दिखाई देती है तो तत्काल विद्यालय प्रशासन को सूचित करें, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय रहते सुधार कराया जा सके।
विद्यालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को दस्तावेजों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और उनकी आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।
