आजमगढ़। स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी निगरानी और आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डेटा की शुद्धता को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय डेटा हैंडलर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें सभी विकासखंडों के डेटा एवं एमआईएस प्रतिनिधियों सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण में यू-विन एवं एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की शुद्धता, नियमित सत्यापन और समयबद्ध रिपोर्टिंग पर विशेष जोर दिया गया। जेएसआई के स्टेट ट्रेनर दिलीप गोविंद राव और पवन पांडेय ने डेटा क्वालिटी असेसमेंट (डीक्यूए) टूल के उपयोग की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न पोर्टलों के आंकड़ों का मिलान कर त्रुटियों और डेटा गैप की पहचान करने के तरीके भी बताए। वहीं, शशांक ने पोर्टल संचालन एवं डेटा प्रबंधन के तकनीकी पहलुओं पर जानकारी साझा की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने सभी विकासखंडों में डीक्यूए टूल का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों में किसी भी प्रकार की त्रुटि या अंतर मिलने पर उसका समयबद्ध निराकरण किया जाए। इसके लिए एआरओ, बीडीएम एवं डीडीएम की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमित समीक्षा और डेटा गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अब्दुल अज़ीज़ ने कहा कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता के लिए लाभार्थियों का सही विवरण और टीकाकरण संबंधी आंकड़ों का अद्यतन होना बेहद जरूरी है। यू-विन एवं एचएमआईएस के आंकड़ों में एकरूपता होने से छूटे हुए लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण सेवाओं से जोड़ा जा सकेगा।
यह प्रशिक्षण ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) के रूप में आयोजित किया गया, ताकि प्रतिभागी अपने-अपने विकासखंडों में अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर सकें और उपकेंद्र स्तर तक डेटा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। सीएमओ ने स्पष्ट कहा कि सही और विश्वसनीय आंकड़े ही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार हैं। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी डेटा की शुद्धता एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
