डॉक्टर मरीज का जिला अस्पताल के पैथोलॉजी में नहीं करा रहे हैं ब्लड जांच, बाहर का दिखा रहे हैं रास्ता।
आजमगढ़, सरकार द्वारा मरीजों को मुक्त और बेहतर इलाज का सौगात दिया जा रहा है। मरीज को हर संभव बेहतर और मुफ्त इलाज देने की कवायत कर रही है। वही मंडलीय जिला अस्पताल में भर्ती युवक जो हेपेटाइटिस बी का मरीज है। जो एक सप्ताह पूर्व मार्ग दुर्घटना में घायल हो जाने से हाथ में फैक्चर हो गया। जिसे स्वजन जिला अस्पताल में लेकर आए और एक ऑर्थो सर्जन को दिखाया ऑर्थो सर्जन द्वारा भर्ती कर ऑपरेशन करने की बात कही गई। मरीज के स्वजन ने ब्लड जांच रिपोर्ट दिखाई तो उसे जांच रिपोर्ट में घायल युवक हेपेटाइटिस बी का मरीज पाया गया। जिसके ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर और उनके सहयोगियों द्वारा तीस हजार रूपये मांगा गया।
बिहार राज्य के जिला समस्तीपुर थाना महोद्दीन नगर क्षेत्र के गांव निवासी 28 वर्षीय एक युवक एक सप्ताह पूर्व बाइक से चिरैयाकोट से बलिया जाते वक्त मऊ के पास पीछे से बोलेरो ने टक्कर मार दी जिससे गिरकर वह घायल हो गया था। जिसे स्वजन लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टर ट्रामा सेंटर के सामने आइसोलेशन वार्ड के बेड नंबर 3 पर भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। ऑटो सर्जन द्वारा तीस हजार रुपए लेने के बाद घायल युवक का ऑपरेशन किया गया। यहां वही कहावत चरितार्थ हो रही है कि “मरता ना तो क्या करता” स्वजन किसी तरीके से पैसों का इंतजाम कर डॉक्टर को रुपए दिए। दिन मंडलीय जिला अस्पताल में सरकार के मंसूबे मुफ्त और बेहतर इलाज की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिला अस्पताल के मुखिया के नाक के नीचे मरीजों से इलाज और ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर व सहयोगियों द्वारा अवैध धन वसूली की जा रही है। अपने नए नित्य कारनामे और दुर्व्यवस्था के चलते अखबारों की सुर्खियां बटोर रहा है। जब इस प्रकरण में प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर अमोद कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। अंधेर नगरी चौपट राजा की कहावत को चरितार्थ कर दिया।

