मण्डलीय जिला चिकित्सालय में हर ऑपरेशन पर प्रमुख अधीक्षक को चढ़ता है चढ़ावा।
ऑडियो हो रहा है वायरल, जिला अस्पताल के ऑर्थो सर्जन ने बताया हर ऑपरेशन पर लेते हैं चढ़वा।
आजमगढ़, जिला अस्पताल अपने नित्य नए कारनामों और फैली दुर्व्यवस्थाओं के चलते सुर्खियों में रहता है। जिला अस्पताल के ऑर्थो सर्जन और किसी अन्य व्यक्ति की बातचीत का ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह ऑडियो लगभग दो माह पुराना बताया जा रहा है। उस ऑडियो में दो महापूर्व एक अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा एक ऑर्थो सर्जन के साथ की गई मारपीट की बातों का जिक्र हो रहा है। जिक्र के दौरान ऑर्थो सर्जन द्वारा कहा जा रहा है कि कुछ भी हो एसआईसी हम लोगों के ही फेवर में बात और कार्य करेंगे क्योंकि वह जिला अस्पताल में होने वाले हर ऑपरेशन में 500 रूपये लेते हैं। हर सर्जन उन्हें 500 रूपये देता है। जिला अस्पताल में फैली भयंकर दुर्व्यवस्था जिला अस्पताल के ही ऑर्थो सर्जन बयां कर रहे हैं। जिला अस्पताल में मरीजों से इलाज और ऑपरेशन के नाम पर हो रही अवैध धन वसूली पर कहां से लगाम लगेगी जब जिला अस्पताल के मुखिया ही ऑपरेशन के नाम पर चढ़ना लेते है, सर्जन डॉक्टर देते हैं। जिला अस्पताल में आए दिन मरीज से इलाज और ऑपरेशन के नाम पर भारी भरकम अवैध धन वसूली होती है। जो आए दिन अखबारों की सुर्खियां बनती हैं। जिससे सरकार की छवि धूमिल होने के साथ-साथ शासन की मंशा मरीज को मुफ्त और बेहतर इलाज को ग्रहण लग रहा है। जहां प्रमुख अधीक्षक के द्वारा कुछ बहुत ही सराहनीय कार्य किया जा रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में मरीजों से इलाज और ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर और उनके सहयोगियों द्वारा हो रही अवैध धन वसूली पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। क्योंकि वह खुद मरीज के साथ हो रही अवैध धन वसूली के हिस्सेदार हैं। दूर दराज और आसपास से गरीब मरीज यह सोचकर अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं की जिला अस्पताल में उनका मुफ्त और बेहतर इलाज होगा पर यहां आने के बाद वह अपने आप को ठगा और लूटा सा महसूस करते हैं। ऑर्थो या अन्य किसी ऑपरेशन के लिए आये भर्ती मरीज से इलाज और ऑपरेशन के लिए डॉक्टर उनके निजी सहयोगी और अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा ऑपरेशन और इलाज के लिए सौदेबाजी शुरू हो जाती है। वहां यह कहावत चरितार्थ होती है कि मरता तो ना क्या करता मरीज से इलाज और ऑपरेशन के नाम पर अवैध धन वसूली होती है। जब इस अवैध धन वसूली में अस्पताल के मुखिया ही सम्मिलित है तो कहां से रोक लग पाएगी।

