
आजमगढ़ के मुबारकपुर।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम में पहुँचे पूर्व डी जी पी वी एंव सरस्वती पुस्तकालय के संस्थापक वी एन राय ने मिडिया से बात करते हुए बताया कि मुबारकपुर कि रेशमी साड़ियां देश के अलावा दुसरे देशो में प्रसिद्ध है
संवाददाता शरफुद्दीन आज़मी
लेकिन कि ही कारणों से इस उद्द्योग को बढ़ावा नहीं मिल सका कुछ भी कारण हो सकता है इसके लिए प्रयास होना चाहिए ताकि मुबारकरपुर कि निर्मित रेशमी साड़ियों को एक अलग पहचान मिले और बुनाई से जुड़े लोगों को अधिक से अधिक रोज़गार का अवसर मिले और हथकरघा उद्द्योग विकसित हो और बुनकरों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो इस उद्द्योग से लाखों लोग जुड़े हुए है रेशमी साड़ियों का उद्द्योग देश के धरोहर हैं।
इंडियन हैण्डलूम डे कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व डी जी पी वी एन राय, नाबार्ड की डायरेक्टर ननदिनी घोष, माधवी कुकरेजा, डी डी एम नाबार्ड आरिफ खान, हिना देसाई, विपणन केंद्र सचिव इफ़्तेख़ार अहमद मुनीम, ज़मीर अहमद, हाजी मंसूर अहमद, सभासद नुरुल होदा, पूर्व सभासद महमूद आलम कटरवी, भाजपा नेता क़मर आज़मी आदि लोग मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने अपने सम्बोधित में कहा कि मुबारकपुर के बुनकरों द्वारा तैयार रेशमी साड़ियां देश में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी प्रसिद्ध है इस उद्द्योग को बढ़ावा देने के लिए ओडीओपी से भी जोड़ा गया है आने वाले दिनों नाबार्ड के माध्यम से इस उद्द्योग को और भी बढ़ावा मिलेगा और बुनकरों के रेशमी साड़ी उद्द्योग को विकास की पँख लगने मदद मिलेगी। मैं भी अपने स्तर से इसे बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। ताकि बुनकरों को अधिक से अधिक रोज़गार का अवसर मिल सके।

