आजमगढ़ दिनांक 16/08/ 2024 को बनकटा निवासी ब्लॉक तरवा मंजू पत्नी गोविंद को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरवा पर लेकर गए मंजू का अभी सातवां महीना ही चल रहा था जहां पर मंजू देवी ने सातवें महीने में ही जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया दोनों बच्चियों की स्थिति नाजुक थी बच्चियों का वजन 1 किलो 300 ग्राम और 1 किलो 200 ग्राम था जहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने दोनों बच्चियों को जिला महिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया मरीज के परिजन ने तुरंत 108 नंबर पर कॉल किया रासेपुर तरवा की 108 एम्बुलेंस UP32BG8857 संख्या पर 11.44 am पर केस असाइन हुआ 100 बेड हॉस्पिटल के पास खड़ी 108 एंबुलेंस तुरंत 11.46 am पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरवा पहुंच गई और दोनों बच्चियों को एंबुलेंस में शिफ्ट करके ERCP के डॉक्टर मानवेंद्र की सलाह पर नोजल कैनोला के द्वारा ऑक्सीजन देते हुए और प्राथमिक उपचार करते हुए दोनों बच्चियों को सकुशल जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां पर अब दोनों बच्चियों खतरे से बाहर हैं बच्चियों का एंबुलेंस में अच्छे से देखभाल और उपचार इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन भूपेंद्र कुमार ने किया जिससे मरीज के परिजनों ने 108 के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन भूपेंद्र कुमार और पायलट पवन प्रजापति का धन्यवाद किया और 108 एंबुलेंस की सेवा का सराहना किया जो समय से मिली और समय से अस्पताल पहुंचाया जिससे उनके मरीज की जान बच गई 108 के जिला प्रभारी अजय राय ने बताया कि आजमगढ़ जिले में 108 की 51 एम्बुलेंस और 102 की 52 एम्बुलेंस 24 * 7 आकस्मिक चिकित्सा के लिए निशुल्क उपलब्ध है जिसके लिए केवल 108 & 102 नंबर डायल करना है और 15 मिनट के अंदर एम्बुलेंस मिल जाएगी 108 आकस्मिक चिकित्सा के लिए है और 102 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं और 2 साल के शिशुओं के लिए है 102 एंबुलेंस सेवा गर्भवती महिलाओं को घर से लाने और वापस घर छोड़ने के लिए है
108 एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और पायलट की तत्परता ने बचाई नवजात जुड़वा बच्चियों की जान
