अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है. आज डॉलर के मुकाबले रुपया 84.30 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया है जो इसका ऐतिहासिक निचला स्तर है. फॉरेन पोर्टफोलियो इंवेस्टर्स (FPI) की भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली और फंड आउटफ्लो के बाद एक और कारण है जिससे भारतीय रुपये के रसातल में जाने का सिलसिला जारी रहने की आशंका है. दरअसल अमेरिकी चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद आने वाले महीनों में अमेरिकी करेंसी डॉलर के और चढ़ने का अनुमान है. ऐसा हुआ तो भारतीय रुपये के लिए नीचे जाने का डर लगातार बना रहेगा और ये अधिक निचले लेवल तक गिर सकता है.
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है
