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दुकानदारों झूला आदि का मेला में बने रहने से क्षेत्रवासियोंका मेले हुआ जमावड़ा ।

स्थानीय प्रभारों निरीक्षक सहित पुलिस फोर्स को अतिरिक्त डियूटी दे कर सुरक्षा ब्यवस्था करनी पड़ रही

अतरिक्त समय दिन मेले की अनुमति किसकी दुर्घटना होने पर किसकी जिम्मेदारी निर्धारित होगी ।पुलिस या तहसील प्रशासन की

फूलपुर आज़मगढ़

स्थानीय थाना क्षेत्र व निजामाबाद तहसील क्षेत्र के दुर्वासा धाम पर कार्तिक पूर्णिमा पर तमसा मंजुसा संगम स्नानार्थियों का होता है ।इसी अवसर पर मेला लगता है ।तीन दिवशीय मेला में प्रदेश के अन्य जनपदों से खझला झूला सौंदर्य प्रशाधन सहित खेती गृहस्थी के सामानों की दुकान लगती हैं ।मेलार्थी स्नान के बाद खेती किसानी सहित अन्य जरूरी सामान मेले से खरीद कर अपने घरों को जाते है ।यह मेला स्नान से एक दिन पहले सुरु होता है ।क्यो की स्नान से एक दिन पहले दूर दराज से श्रद्धालु पहुचते है ।जिसे बटोर के नाम से जाना जाता है ।दूसरे दिन स्नान तीसरे दिन क्षेत्रीय लोगो का मेला होता हैं।इस बार पन्द्रह नवम्बर को।कार्तिक पूर्णिमा थी सो चौदह नवम्बर से मेला सुरु हो गया और सोलह नवम्बर तक चला आज सत्रह नवम्बर को चौथे दिन भी दुकानदार झूला वाले जमे रहे जिससे दुर्वासा धाम पर क्षेत्र वासियो का भारी भीड़ एकत्र हो गयी और चौथे दिन मेले का स्वरूप बन गया ।जिसके कारण फूलपुर पुलिस को एक दिन अतरिक्त कार्य बढ़ गया ।वही वर्तमान समय लगन शादी विवाह का समय चल रहा आज बहुत तकड़ी लगन हैं।सड़को पर वाहनों की रफ्तार सख्या बढ़ गयी है ।जाम की आशंका बनी हुई हैं।अतरिक्त मैले का समय किसके आदेश पर बढ़ गया ।झूला वाले का परमिशन कितने दिन का हैं।दुर्घटना हो जाने पर किसकी जिम्मेदारी होगी पुलिस या निजामाबाद तहसील की यह बताना सम्भव नही तहसील निजामाबाद के जिम्मेदार किसी भी अधिकारी ने मेले की समाप्ति की सुधि नही ली ना सुरक्षा की।

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