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मंडली जिला चिकित्सालय में तैनात होमगार्ड की तबियत बिगड़ी, स्टेचर ना मिलने पर साथियों ने तंग कर इमरजेंसी में पहुंचाया।

संवाददाता अबुज़ैद 

मंडली जिला चिकित्सालय आजमगढ़ आए दिनों अपने नित्य नए कारनामों और दुर्व्यवस्थाओं के चलते सुर्खियों में बना रहता है। इसी क्रम में मंगलवार को मंडली जिला चिकित्सालय में तैनात होमगार्ड की अचानक तबियत बिगड़ जाने से वह गिर गया। जहां स्टेचर ना मिलने पर साथ काम कर रहे अन्य होमगार्ड साथियों ने उसे टांग कर इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया।
आए दिन जिला अस्पताल अपने नित्य नए कारनामो की वजह से सुर्खियां बटोरते रहता है। सरकार के मंशा के विपरीत जिला अस्पताल में किए जा रहे है कार्य मरीज से इलाज व आपरेशन के नाम पर अवैध धन उगाई, लावारिस वार्ड में भर्ती अज्ञात मरीजों की इलाज व भूख प्यास से मौत, डॉक्टरों द्वारा मरीजों को निजी संस्थानों से कमीशन युक्त महंगी दवाइयां को लेने के लिए लिखना, जिला अस्पताल में तैनात भूतपूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड जिनकी एक ही स्थान पर लंबे समय से तैनाती जो अपना वर्चस्व कायम कर रहे हैं। जो मरीज और उनके साथ आए तीमारदारों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। आदि दुर्व्यवस्थाओं के चलते सरकार को बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं।
इसी क्रम में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड की तबीयत खराब हो जाने पर साथियों द्वारा स्टेशन ना मिलने पर टांग कर उसे इमरजेंसी में इलाज के लिए ले जाया गया। अगर देखा जाए तो जिला अस्पताल के लिए सरकार द्वारा लाखों करोड़ों का बजट आता है जो अस्पताल को सुविधा मय बनाने के लिए और मरीजों के हित के लिए खर्च करने के लिए आता है। यह तो जिला अस्पताल के मुखिया ही बता सकते हैं आए हुए बजट को किन जगहों पर कहां पर खर्च किया जाता है। अभी कुछ दिन पूर्व ही पूर्व प्रमुख अधीक्षक डॉ अमोद कुमार पर करोड़ों रुपए के अनियमित का आरोप लगा है। जिसकी जांच अभी चल रही है आखिर आए हुए उन लाखों करोड़ों रुपए बजट की सदुपयोगिता कहां होती है किन जगहों पर होती है और कैसे होती है यह तो जिला अस्पताल के मुखिया ही बता सकते हैं।

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