Site icon Akclivenews18

ग्राम प्रधानों के जिम्मेदारियों का पढ़ाया गया पाठ

उप जिलाधिकारी/प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी सुमित सिंह ने बताया कि जनपद में चल रहे जल जीवन मिशन, ग्रामीण पेयजल प्रशिक्षण के साथ-साथ उच्च न्यायालय के आदेश एवं उपनिदेशक पंचायत आजमगढ़ मंडल आजमगढ़ संजय बर्नवाल के निर्देश के क्रम में समस्त विकास खण्डों में उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित चार बिन्दुओं जिसमें उ०प्र० पंचायती राज अधिनियम 1947 की धारा 15 के अनुसार ग्राम पंचायत के कार्य। उ०प्र० पंचायती राज अधिनियम 1947 की धारा 95 (1) (छ) के प्राविधानुसार प्रधान को पद से हटाया जाना। ग्राम प्रधान को स्वयं के आयकर रिटर्न् दाखिल करने एवं महिला ग्राम प्रधानों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के संबंध में जानकारी के अलावा उनमें नेतृत्व क्षमता एवं संचार कौशल के विकास के सम्बंध में जानकारी प्रदान की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधानों को चार बिंदुओं पर प्रशिक्षित करने के अलावा उनके अधिकारों के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है, कि ग्राम पंचायत में सभी प्रकार के कार्य करने के अधिकार ग्राम प्रधान के पास होते हैं, प्रधान का कार्य पंचायत के सभी विकास कार्यों को सुनिश्चित करना, बजट तैयार करना और पंचायती राज के नियमों के अनुसार कार्य करना होता है। सरपंच पंचायत के सदस्यों में से एक होता है, और प्रधान के सहायक के रूप में कार्य करता है।
उप जिलाधिकारी/प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जल जीवन मिशन, ग्रामीण पेयजल के प्रशिक्षण में
जल जीवन मिशन के महत्व के बारे में तथा हैंडओवर, टेकओवर के बारे में जानकारी एवं प्रधान के जिम्मेदारी व शिकायत प्रबंधन, गुणवत्ता पर जानकारी दी गई।

Exit mobile version