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जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड्स ने कमरे में बंद कर युवक को बेरहमी से पीटने का लगाया आरोप।

जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड्स ने कमरे में बंद कर युवक को बेरहमी से पीटने का लगाया आरोप।

एक्स-रे लेने गए युवक को सुरक्षा गार्ड ने दलाल बताकर कमरें में बंद कर पीटा।

मनबढ़ सुरक्षा गार्डो की दबंगई से अस्पताल आने से कतरा रहे मरीज व स्वजन।

पूर्व में भी सुरक्षा गार्ड्स द्वारा चाय विक्रेता की बेरहमी से पिटाई करने और मरीज व स्वजन के साथ अभद्रता करने के लगे हैं आरोप।

आजमगढ़ मंडलीय जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्डो की दबंगई चरम पर है, सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए गार्ड आए दिन मरीज के स्वजन से अभद्रता कर रहे है। हद तो तब हो गई जब गुरूवार को एक्स-रे की जांच रिपोर्ट लेने जा रहे स्वजन को सुरक्षा गार्ड ने दलाल बता कर कमरे में बन्द कर बेरहमी से पीटाई कर दी। पीड़ित युवक सुरक्षा गार्ड पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के तेजपालपुर गांव निवासी शैलेश कुमार यादव ने आरोप लगया कि सुबह जब वह अपने मरीज का एक्स-रे रिपोर्ट लेने के लिए कमरा नंबर 22 में जा रहा था। तभी से सुरक्षा गार्ड अखिलेश सिंह, भीम सिंह, राकेश बहादुर सिंह, बीएन यादव सहित कुछ अन्य गार्ड उसका पीछा करने लगे। वापस लौटते समय सुरक्षा गार्ड ने उसे दलाल बताकर एक कमरे में ले गए। बंद कमरे में सभी मिलकर उसे लात-घूसों से मारने पीटने लगे। मारपीट के दौरान शैलेश कुमार की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो तब जाकर बाहर निकलकर अपनी जान बचा पाया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा गार्डो द्वारा दोबारा अस्पताल में दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी देते हुए उसका गला दबाकर सादे कागज पर कुछ लिखवाना चाह रहे थे। लेकिन उसने कुछ भी लिखने से इंकार कर दिया। शहर कोतवाल शशि मौलि पांडेय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मामले की जांच की जा रही है।

“इस तरह की कोई घटना हमारे संज्ञान में नही है, अगर सुरक्षा गार्ड द्वारा कोई इस तरह की घटना हुई है तो पीड़ित को हमसे मिलना चाहिए। शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।”
डॉ दिनेश कुमार सिन्हा, प्रमुख अधीक्षक मंडलीय जिला अस्पताल

पूर्व में सुरक्षा गार्ड्स के ऊपर लगे है आरोप।

मंडलीय जिला अस्पताल में मरीजों को शासन की स्वास्थ्य सुविधा का कैसे लाभ मिले। जब इलाज के लिए जा रहे मरीज व उनके तीमरदारों को सुरक्षा गार्ड द्वारा आए दिन अभद्रता और अपमानित कर भगा दिया जाता है। शासन के मंशा के स्वरूप लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को सवाजसेवी एक मरीज दिखाने गए तो सुरक्षा गार्ड द्वारा अभद्रता करते हुए अपमानित करने का आरोप लगाते हुए एसीएमओ को शिकायत कर सुरक्षा गार्ड्स के ऊपर कारवाई की मांग किया।
महराजगंज थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी विनोद कुमार उर्फ साधु सिंह ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल मरीज दिखाने के लिए आया था। लेकिन अस्पताल के सुरक्षा गार्ड राकेश बहादुर सिंह, अखिलेश सिंह, भीम सिंह, डीएन यादव, रविकांत द्वारा मुझे मरीज दिखाने नही दिया गया। मेरे साथ मारपीट कर अभद्रता के साथ भगा दिया गया। आए दिन अस्पताल की सुरक्षा के लिए लगे गार्ड चिकित्सक संग ओपीडी में अभद्रता करते है, जिसकी वीडियो भी वायरल हुई थी। सुरक्षा गार्ड्स द्वारा किए जा रहे अभद्रता और अपमानित करने की शिकायत कई बार अस्पताल प्रशासन से की गई लेकिन कोई नतीजा नही निकला। चिकित्सकों का कहना है कि गार्ड अपनी ड्यूटी ठीक ढंग से नही निभाते है ब्लकि ओपीडी में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ पूछताछ करते हुए उनके साथ अभद्रता करते के साथ चिकित्सकों संग अभद्रता करते है। मरीजों के संग आने वाले तीमरदारों से अपनी वर्दी का धौंश दिखाकर आधार कार्ड मांगते है। अभी एक दिन पूर्व ही
इलाज के लिए आये मरीज से सुरक्षा कर्मियों ने अभद्रता की पीड़ित ने सीएमओ को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के डिघवनिया मझववा गांव निवासी 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक कन्हैया यादव अपने चाचा 85 वर्षीय चाचा को लेकर उपचार के लिए आए थे। सुरक्षा गार्डो ने अस्पताल में जाने से रोक दिया। पीड़ित के साथ अभद्रता की। अभी कुछ दिन पूर्व ही अस्पताल परिसर में चाय बेचने पर चाय विक्रेता की सुरक्षा गार्ड्स द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई थी।
पीड़ित ने उच्चधिकारियों के यहां प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। ऐसे कई मामले प्रकाश में आए जहां जिला अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड्स द्वारा मरीज व उनके तीमारदारों के साथ अभद्रता करने के साथ अपमानित करने के आरोप लगे हैं। पीड़ितों द्वारा प्रमुख अधीक्षक वह मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की है।

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