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निजीकरण के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा: महाकुंभ के दौरान बिजली कर्मियों ने दी सर्वोत्तम सेवा, अब होगा निर्णायक आंदोलन

संवाददाता धीरज वर्मा 

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, आज़मगढ़

निजीकरण के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा: महाकुंभ के दौरान बिजली कर्मियों ने दी सर्वोत्तम सेवा, अब होगा निर्णायक आंदोलन!

उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों का निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आज प्रदेशभर में बिजली कर्मियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महाकुंभ के चारों अमृत स्नान में बेहतरीन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले प्रयागराज के कर्मवीर कर्मचारियों को संघर्ष समिति ने बधाई दी है।

संघर्ष समिति ने दो-टूक कहा है कि सुधार और संघर्ष के मंत्र के साथ यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी। 2018 और 2020 में तत्कालीन ऊर्जा मंत्री और वित्त मंत्री के साथ हुए समझौतों में स्पष्ट था कि बिजली कर्मियों को विश्वास में लिए बिना निजीकरण नहीं होगा, लेकिन सरकार और प्रबंधन ने कर्मचारियों को धोखा दिया है। बिना संवाद किए निजीकरण की साजिश रची जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।

बिजली कर्मी हर हाल में संघर्ष करेंगे और सुधार में भी अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। समिति ने सभी बिजली कर्मचारियों से अपील की है कि वे राजस्व वसूली बढ़ाने में पूरा सहयोग दें, लेकिन लंच ब्रेक और कार्यालय समय के बाद निजीकरण विरोधी आंदोलन को और तीव्र करें।

संघर्ष समिति ने एलान किया है कि महाकुंभ में उत्कृष्ट सेवा देने वाले प्रयागराज के बिजली कर्मियों को आगामी महा पंचायत में सम्मानित किया जाएगा। 5 जनवरी को प्रयागराज में कर्मचारियों ने जो शपथ ली थी, उसे पूरा करके दिखाया है।

आज लखनऊ, वाराणसी, आगरा, आज़मगढ़, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मथुरा, बरेली, झांसी, अलीगढ़, अनपरा, ओबरा, पनकी समेत पूरे प्रदेश में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए। राजधानी लखनऊ के शक्ति भवन और मध्यांचल मुख्यालय पर बिजली कर्मियों की हुंकार सुनाई दी।

अब निर्णायक संघर्ष होगा – निजीकरण की साजिश नाकाम होगी!

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