
इन मदरसों के प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है, और जिले के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसमें सबसे अधिक मुकदमे फूलपुर थाने में दर्ज हुए हैं (11 मुकदमे)। इन मदरसों ने फर्जी तरीके से सरकारी अनुदान प्राप्त किया और उसका दुरुपयोग किया।
2022 में शासन द्वारा एसआईटी को इस मामले की जांच सौंपी गई थी, और इसके बाद अब सरकार के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। एसपी ग्रामीण, चिराग जैन के अनुसार, अधिक मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, और यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
