Editor by Amit Gautam
नेहरू हाल में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में साहित्यकारों और समाजसेवियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. कन्हैया सिंह की प्रथम पुण्यतिथि नेहरू हाल में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों, साहित्यकारों, और समाजसेवियों ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित कर डॉ. सिंह के जीवन और कृतित्व को सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के पूर्व राज्यपाल माननीय श्री कलराज मिश्र, सारस्वत अतिथि माननीय मंत्री श्री अनिल राजभर, मुख्य वक्ता प्रदेश महामंत्री भाजपा श्री संजय राय, और विशिष्ट अतिथि एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा श्री सहजानंद राय, पूर्व मंत्री यशवंत सिंह, और पूर्व विधायक नीलम सोनकर उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने की।
समारोह की शुरुआत डॉ. कन्हैया सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई। इसके बाद डॉ. सिंह के पुत्र चित्रसेन सिंह और पौत्रद्वय विनीत सिंह सोनू व डॉ. विनम्रसेन सिंह ने अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और पुस्तक “श्यामल घट अमृत कलश” भेंट करके स्वागत किया।
मुख्य वक्ता श्री संजय राय ने डॉ. कन्हैया सिंह को साहित्य जगत का दैदीप्यमान नक्षत्र बताते हुए कहा कि ऐसे साहित्यकार सदियों में एक बार जन्म लेते हैं, जो साहित्य के माध्यम से राष्ट्रहित की मशाल जलाकर समाज को प्रेरित करते हैं।
राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. कन्हैया सिंह का राष्ट्रवादी साहित्यिक चिंतन हमेशा देश के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। वहीं, मंत्री श्री अनिल राजभर ने उनके जीवन को दृढ़ता और समर्पण का प्रतीक बताया।
प्रो. संजीव कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. सिंह की कृतियों और विचारों को न केवल याद करना है, बल्कि उनके मार्ग पर चलकर देश की सेवा करनी है।
समारोह के दौरान डॉ. सिंह के परिवार द्वारा उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए विभिन्न साहित्यकारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में डॉ. सिंह के परिवारीजन, जनपद के प्रमुख साहित्यकार, चिकित्सक, अधिवक्ता, और शिक्षाविद भी उपस्थित रहे।
समारोह का समापन डॉ. पंकज सिंह द्वारा आभार ज्ञापित करने के साथ हुआ।
