जनपद में संचालित 108 एंबुलेंस में एक बार फिर नवजात की किलकारी गूंजी। रानीपुर क्षेत्र के गांव अकबरपुर निवासी प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने पर स्वजनों ने 102 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर लेकर आए , लेकिन हालत गंभीर होने पर पीजीआई आजमगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया। रानीपुर की 108 एम्बुलेंस से स्वजन आजमगढ़ के लिए रवाना हुए थे कि पीजीआई पहुंचने से पहले की मरीज को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। तभी 108 एम्बुलेंस के ईएमटी चंद्रेश कुमार ने अपनी सूझबूझ से महिला का एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया और जच्चा-बच्चा को अस्पताल तक पहुंचाया। 108 एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी चंद्रेश और पायलट मंजीत ने बताया कि रविवार सुबह 10 बजे कंट्रोल रूम पर रानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पीजीआई ले जाने के के लिए सूचना मिली। वह एंबुलेंस लेकर हॉस्पिटल पहुंचे और वहां से प्रसूता और उसके परिजनों को लेकर पीजीआई जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक प्रसूता को प्रसव पीड़ा बढ़ने लगी। जिस पर पायलट ने रास्ते में ही एंबुलेंस को रोक लिया और ईएमटी ने परिजनों की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने जुड़वां बच्चे (दो पुत्र) को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। एंबुलेंसकर्मियों के इस कार्य की महिला के परिजनों द्वारा सराहना की गई।
प्रशिक्षित ईएमटी ने एंबुलेंस में ही कराया सुरक्षित प्रसव, प्रसूता ने दिया जुड़वां बच्चे को जन्म

