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जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण में 40 लाख रुपए के स्टांप चोरी का प्रकरण आया सामने।

ब्यूरो देवेंद्र कुशवाहा

दो लोगों के खिलाफ स्टांप वाद दर्ज करने तथा रिकवरी के दिए निर्देश।

मऊ जनपद मऊ के जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने आज मार्च महीने में पंजीकृत सबसे बड़ी मालियत के पांच विलेखों में से दो का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान विक्रय अभिलेख संख्या 1917 वर्ष 2025 मौजा रणबीर पुर तहसील सदर जिला मऊ में स्थित आराजी नंबर 201 मि. रकबा 1842.75 वर्ग मीटर विक्रेता श्री लेढा पुत्र बिहारी साकिन रणबीर पुर पोस्ट सरवा तहसील सदर जिला मऊ, क्रेता श्री राजीव चौहान पुत्र चंद्रिका साकिन भेलौर चंगेरी तहसील घोसी जिला मऊ। उक्त अभिलेख के स्थलीय जांच में बिक्री की गई संपत्ति चिन्हित सड़क (सेगमेंट रोड मुसर्दाह मोड से तहसील सदर सीमा तक) पर स्थित पाई गई एवं अगल-बगल व्यावसायिक गतिविधियां भी पाई गई, जिसके फल स्वरुप रुपए 38640 की स्टाम्प की कमी पकड़ी गई। एक अन्य अभिलेख के सत्यापन में भी 2 लाख से अधिक के स्टांप कमी का प्रकरण स्थलीय सत्यापन के दौरान सामने आया। इस प्रकार दो विक्रय अभिलेख के भौतिक सत्यापन के दौरान 40 लाख 70 हजार 700 रुपए की राजस्व की कमी पाई गई, जिसके कारण जिलाधिकारी ने संबंधित लोगों के खिलाफ स्टांप वाद दायर करते हुए नियमानुसार वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश सहायक आयुक्त स्टांप मऊ को दिए।ज्ञातव्य है कि हर महीने में पंजीकृत सबसे बड़ी मालियत के पांच विलेखों का स्थलीय सत्यापन जिलाधिकारी द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने अपर जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त स्टांप एवं समस्त उप जिलाधिकारी को बिक्री की गई संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं, जिससे स्टांप कमी के प्रकरणों में भारी जुर्माना लगाते हुए प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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