संसद में विशेष सत्र के साथ ही जनपद में भी गूंजी नारी शक्ति वंदन अधिनियम की जय-जयकार

पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय मंनारीः नव भारत की तैयारी

आजमगढ़ की महिला चिकित्सक, शिक्षाविद, समाज सेवी, साहित्यकार व प्रतिष्ठित महिलाओं ने जन जागरूकता कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सकारात्मक लाभों से मातृ शक्तियों को कराया परिचित

राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका सुदृढ़ करना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने हेतु प्रतिबद्ध है नारी शक्ति वंदन अधिनियम*

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने पर आजमगढ़ की नारी शक्तियों ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया

भारत के लोकतांत्रिक ढ़ांचे में महिलाओं को निर्णय लेने के उच्च स्तरों पर भागीदारी सुनिश्चित कर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा यह अधिनियम*

आजादी की लड़ाई से लेकर संविधान सभा के निर्णयों तक स्वतंत्र भारत की नींव रखने में भारत की नारी शक्ति ने दिया है असीमित योगदान

आजमगढ़ 17 अप्रैल 2026/

नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषयक सम्मेलन व प्रेस वार्ता नेहरू हॉल आजमगढ़ में समाज की प्रभावी एवं प्रतिष्ठित महिलाओं, प्रसिद्ध चिकित्सक, शिक्षाविद, साहित्यकार, महिला अधिकारियों की उपस्थिति में शानदार व सफल कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के उद्देश्य व प्रसांगिकता पर बल देते हुए जिला सूचना अधिकारी डॉ0 पंकज कुमार ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषयक जन जागरूकता हेतु यह सम्मेलन आयोजित किया गया है। जिस प्रकार से मा0 प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व मंे 16 से 18 अप्रैल 2026 तक संसद में नारी शक्ति वंदन विशेष सत्र का आयोजन किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में नये अध्याय का प्रतीक है। उसी तरह से जनपद आजमगढ़ की मातृ शक्तियों की उपस्थिति में विशेष सम्मेलन/संगोष्ठी व प्रेस वार्ता के माध्यम से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने पर मा0 प्रधानमंत्री जी को हार्दिक धन्यवाद व आभार प्रकट करते हुए अधिनियम से महिलाओं के जीवन में आने वाले सकारात्मक व सुदृढ़ स्थिति को रेखांकित किया गया।

जनपद की प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ0 ज्योत्सना द्विवेदी ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद व विधान सभाओं में महिलाओं की उपस्थिति बढ़ाकर समावेशी विकास सुनिश्चित करने पर बल मिलेगा। 33 प्रतिशत या एक तिहाई सीटें महिलाआंे के लिए आरक्षित होंगी। यह अधिनियम भारत के लोकतांत्रिक ढ़ांचे में महिलाओं को निर्णय लेने के उच्च स्तरों पर भागीदारी सुनिश्चित कर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डीएवी पीजी कालेज की हिन्दी प्रोफेसर व साहित्यकार डॉ0 गीता सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के उद्देश्यों से महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया कि इस अधिनियम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका सुदृढ़ होगी और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।

समाज सेवी विभा बरनवाल ने अधिनियम के संवैधानिक यात्रा पर बल देते हुए बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (128वां संवैधानिक संशोधन विधेयक) भारत की संसद द्वारा सितम्बर 2023 में पारित एक ऐतिहासिक कानून है, जो लोकसभा व राज्य की विधान सभाओं में महिलाआंे के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करता है। यह कानून महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लाया गया है।

शिक्षाविद व महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रो0 अंग्रेजी डॉ0 ऋतम्भरा ने बताया कि मा0 प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम सब भाग्यवान हैं कि हम सभी को राष्ट्र निर्माण में देश की आधी आबादी को हिस्सेदार बनाने का सौभाग्य मिल रहा है। यह समय की मांग है कि हमारी नारी शक्ति देश के नीति निर्धारण का हिस्सा बने। आज महिलाएं उन सेक्टर्स मंे भी बुलन्दियों को छू रही हैं, जहां कभी पुरूषों का एकाधिकार माना जाता था।

नारी शक्ति संस्थान की सचिव डॉ0 पूनम तिवारी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम की जयकार के साथ बताया कि आजादी की लड़ाई से लेकर संविधान सभा के निर्णयों तक स्वतंत्र भारत की नींव रखने में भारत की नारी शक्ति ने असीमित योगदान दिया है।

प्रसिद्ध महिला चिकित्सक डॉ0 नेहा ने बताया कि वर्तमान सरकार ने महिलाओं की जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए योजनाएं बनाई हैं, जिन्हे सफलता पूर्वक लागू किया गया।

महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष सुमन सिंह राजपूत ने कहा कि हमारे देश में अनुभवी नारी शक्ति की कोई कमी नही है। हमें भरोसा है कि वे सदन के साथ-साथ राष्ट्र को समृद्ध करने में अपना अमूल्य योगदान देंगी।

समाज सेवी मिथिलेश पाण्डेय ने बताया कि लोकसभा व राज्य विधान सभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लागू करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया को सक्रीय करना है। सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पारित करने के लिए 16, 17 व 18 अप्रैल 2026 को विशेष सत्र बुलाया है। सरकार का उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अतिशीघ्र अमली जामा पहनाना है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषयक सम्मेलन व प्रेस वार्ता में डॉ0 नमिता चन्द्रा, महिला मोर्चा की उषा आर्या, डॉ0 सीमा भारती, सुधा तिवारी, डॉ0 दरक्शा, मंजू उपाध्याय, डॉ0 श्रेष्ठा व अन्य नारी शक्तियों ने अपने सम्बोधन में बताया कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार हो सकती है, जब देश की आधी आबादी उसकी दिशा तय करने में सक्रीय भूमिका निभाए। महिलाआंे की भागीदारी केवल सामाजिक न्याय का प्रश्न नही है, बल्कि यह देश के समग्र व संतुलित विकास की अनिवार्य सर्त है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में महिलाओं की भागीदारी से प्रधानमंत्री जी संकल्पना साकार होगी और भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र निश्चित तौर पर बनेगा।

जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह ने नारी शक्ति सम्मेलन में उपस्थित मातृ शक्तियों को आभार व्यक्त कर समापन करते हुए बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विभिन्न महिलाओं के सम्बोधन व विचारों से अधिनियम के सकारात्मक विभिन्न आयामों पर बल मिला। उन्होने बताया कि अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी देना है, ताकि देश की नीतियों में उनका दृष्टिकोण, उनका अनुभव और उनकी संवेदनशीलता भी समान रूप से परिलक्षित हो।

कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अशोक मद्धेशिया, सहित स्वयं सहायता समूह की दीदीयां, आशा, आंगनवाड़ी, एएनएम, छात्राएं व शिक्षिकाएं एवं जनपद की मातृ शक्ति उपस्थित रहीं।

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