वाराणसी। आगामी शारदीय नवरात्रि (दुर्गा पूजा) और दशहरा पर्व के दृष्टिगत Varanasi Zone के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) नवीन अरोड़ा ने पुलिस महकमे की कमान पूरी तरह कस दी है। बुधवार को प्रेरणा सभागार में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के दौरान उन्होंने वाराणसी जोन के सभी रेंज एवं जनपदों की कानून-व्यवस्था, जनशिकायतों, लंबित विवेचनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के संचालन की गहन समीक्षा की।
​1. चार स्तरीय अभियानों पर विशेष जोर
​ADG नवीन अरोड़ा ने बताया कि जोन में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए चतुःस्तरीय अभियान चलाए जा रहे हैं:
​प्रदेश स्तर: 60/90 दिवस से अधिक लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण।
​जोन स्तर: ‘ई-साक्ष्य’ (E-Evidence) प्रणाली का व्यापक उपयोग।
​परिक्षेत्र स्तर: मीरजापुर में साइबर अपराध नियंत्रण, वाराणसी में ई-समन (E-Summons) और आजमगढ़ में अपहृता बरामदगी अभियान।
​जनपद स्तर: विभिन्न जिलों में एनबीडब्ल्यू (NBW), इनामी अपराधियों की धरपकड़, ‘यक्ष एप’ (Yaksh App) प्रविष्टियों और माल निस्तारण के लिए विशेष अभियान।
​2. जिलों का प्रदर्शन और ‘रिपोर्ट कार्ड’
​बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों की सराहना की गई और पिछड़ने वाले जिलों को सुधार की हिदायत दी गई:
​IGRS में वाराणसी जोन अव्वल: आईजीआरएस (IGRS) जनशिकायत निस्तारण में वाराणसी जोन पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा।
​विवेचना एवं डिजिटल कार्य: विवेचना निस्तारण में मऊ और आजमगढ़ का प्रदर्शन बेहतर रहा (गाजीपुर को सुधार के निर्देश)। ई-समन, ई-साक्ष्य और मीडिया रिस्पांस में आजमगढ़ शीर्ष पर रहा।
​अपराधी गिरफ्तारी व माल निस्तारण: माल निस्तारण में मीरजापुर प्रथम रहा। 1 अगस्त से 15 सितंबर के बीच जोन में कुल 62 इनामी अपराधी गिरफ्तार किए गए, जिसमें चंदौली पुलिस का योगदान सराहनीय रहा।
​3. संगठित अपराध और धर्मांतरण नेटवर्क पर नकेल
​अवैध शराब, मादक पदार्थ (NDPS), गौ-तस्करी और साइबर अपराध को रोकने के लिए जोन स्तर पर अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष कमेटियों का गठन किया जाएगा। ये कमेटियां गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का विश्लेषण कर SOP तैयार करेंगी।
​धर्मांतरण से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए ADG ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में केवल मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षकों, सहयोगियों और पीछे से वित्तीय या लॉजिस्टिक सहायता देने वाले पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
​4. परेड, फील्ड विज़िट और मीडिया संवाद
​पुलिस परेड अनिवार्य: अधिकारियों को जनपदीय लॉजिस्टिक्स और संसाधनों की जानकारी रखने के लिए SP, ASP और CO स्तर के अधिकारियों को निर्धारित दिनों (मंगलवार, बुधवार व शुक्रवार) में अनिवार्य रूप से पुलिस लाइन परेड, भ्रमण और आदेश कक्ष का संचालन करने को कहा गया।
​समय पर मीडिया सूचना: महत्वपूर्ण घटनाओं की प्रामाणिक जानकारी समय से मीडिया तक पहुँचाने तथा आवश्यकतानुसार सोशल मीडिया सेल के माध्यम से आधिकारिक बाइट जारी करने के निर्देश दिए गए।
​बैठक में सोनभद्र के अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) श्री ऋषभ रूणवाल ने NDPS Ecosystem और भदोही के अपर पुलिस अधीक्षक श्री शुभम अग्रवाल ने PRV-112 के बेहतर संचालन पर सुझाव दिए। कार्यक्रम का औपचारिक समापन श्री वैभव कृष्ण द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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