बीएचयू अस्पताल में कैंसर मरीजों की सेहत का कितना ख्याल रखा जा रहा है, इसकी हकीकत यहां के कीमो वार्ड को देखने से पता चल जाएगी। बुधवार को अमर उजाला की पड़ताल में चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला। एक छोटे से कमरे में जहां दस बेड पास-पास लगाए गए हैं, वहीं एक बेड के पास ही तीन-तीन डस्टबिन खुले रखे हैं। इसमें इलाज के दौरान निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को डाला जा रहा है। इससे उधर से गुजरने वाले मरीजों के साथ ही उनके परिजनों में संक्रमण हो सकता है

बीएचयू अस्पताल में छठे तल पर सीढ़ी के पास बने कीमो वार्ड में कैंसर के उन मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनको डॉक्टर कीमो देने की सलाह देते हैं। बुधवार की दोपहर यहां सभी 10 बेड पर मरीज भर्ती थे। इसमें बुजुर्गों के साथ ही महिलाएं भी थीं।

खास बात यह है कि इसी कमरे में मेज लगाकर उस पर दो पैरामेडिकल स्टाफ भी बैठते हैं। जो मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। यहां वॉर्ड के गेट से प्रवेश करते ही नर्सिंग स्टाफ के बैठने की जगह है तो बायी ओर मरीजों के लिए बेड लगे हैं। यहीं एक बेड के पास एक लाइन से तीन डस्टबिन मेडिकल वेस्ट के लिए रखे गए हैं।
बेंच पर ही दे दिया कीमो
कैंसर के मरीजों के इलाज में विशेष सतर्कता बरतनी होती है। उन्हें संक्रमण से बचाना जरूरी होता है। इसके बाद भी अस्पताल के कीमो वॉर्ड में भर्ती मरीजों की सेहत के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है। जो समझ से परे है। वहीं, भीषण गर्मी में भी यहां एसी नहीं लगा है।

कीमो वॉर्ड में मंगलवार की रात बेड भर जाने पर एक महिला को बेंच पर लिटाकर कीमो दे दिया गया। भीषण गर्मी में महिला ने बेंच पर ही रात गुजारी। महिला का पति पास ही बैठा रहा। वॉर्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों के अनुसार रात में पंखा भी सही से नहीं चल रहा था। इस वजह से ज्यादा परेशानी हुई।

क्या बोले अधिकारी
कीमो वॉर्ड में मेडिकल वेस्ट का डस्टबिन रखा जाना बिल्कुल गलत है। इससे संक्रमण का खतरा बना रहेगा। इसको बाहर कहीं रखवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करवाई जाएगी। संबंधित अधिकारियों से बातकर सभी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा। -प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू

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