आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल में हार्ट अटैक और गंभीर हृदय रोगों के मरीजों के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का अभाव स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की एक बड़ी समस्या को उजागर करता है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां गंभीर हृदय रोगियों का इलाज संभव नहीं है और मरीजों को हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाता है, जिससे उनकी जान पर खतरा बढ़ जाता है।मंडलीय चिकित्सालय में दूर-दूर से लोग बीमार होकर पहुंचते हैं। इनमें से प्रतिदिन 15 से 20 मरीज हृदय रोग की बिमारी से ग्रसित होते हैं। लेकिन, अस्पताल में इसके विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है। जिसका परिणाम है कि इन बीमारियों से पीड़ित होकर आने वाले मरीजों को यहां से सीधे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। यहां सबसे अधिक परेशानी हार्ट अटैक के मरीजों को होती है। क्योंकि मंडलीय अस्पताल में कोई भी हार्ट का स्पेशलिस्ट चिकित्सक मौजूद नहीं है। अस्पताल में आईसीसीयू (इंटेंसिव कार्डियक केयर यूनिट) का अभाव है। वेंटिलेटर, कार्डियक ऑपरेशन थिएटर, कार्डिएक एनस्थीसिया डॉक्टर और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की कमी है। जो गंभीर हृदय रोगियों के इलाज के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण सुविधा है, जो अस्पताल में मौजूद नहीं है। मंडलीय अस्पताल में दो दर्जन से अधिक वेंटीलेटर कोरोना काल में आए लेकिन टेक्नीशियन के अभाव में इनका संचालन नहीं हो पाता है। ऑक्सीजन प्लांट तो लगाया गया है लेकिन इसके बाद भी बाहर से ऑक्सीजन मंगाई जाती है। सर्दी का मौसम शुरू हो रहा है ऐसे मौसम में हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसके बाद भी मंडलीय अस्पताल में हार्ट स्पेशलिस्ट की कमी मरीजों को भारी पड़ती है
