देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चेवार डोमनपुर गांव के रहने वाले एक ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के घर पर ईडी टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की है, ईडी की इस कार्रवाई से गांव में दहशत बना हुआ है, जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह में ईडी की टीम दो गाड़ियों से चेवार डोमनपुर गांव निवासी ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के घर पर पहुंची, और एक से डेढ़ घंटे के बाद यह टीम घर से किसी को लेकर चली गई, चर्चा तो इस बात की है कि टीम प्रमुख प्रतिनिधि को ही पकड़ कर ले गई है, इसके कुछ देर बाद आधा दर्जन से अधिक भारत सरकार लिखी गाड़ियों से ईडी की टीम फिर गांव में पहुंची और देर शाम तक तलाशी अभियान चलता रहा, इतना ही नहीं सूत्र तो यह भी बताते हैं, कि सफेदपोश के चेवार स्थित आवास के साथ ही उसके मुंबई व वाराणसी स्थित आवासों पर भी ईडी की टीम की दबिश चल रही है।
एजेंटों के बारे में पुख्ता सुराग मिलने के बाद ईडी के अधिकारियों ने शुक्रवार को लखनऊ और दिल्ली में 8-8, वाराणसी व प्रयागराज में 2-2, आजमगढ़, हरदोई व मुंबई के 1-1 ठिकानें पर छापा मारा है। लखनऊ में गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार और आशियाना में एजेंटों के ठिकानों को खंगाला जा रहा है।
दरअसल, इनमें से कई एजेंटों के दुबई में पनाह लिए शाइन सिटी के एमडी राशिद नसीम के संपर्क में होने के प्रमाण मिले थे, जिसके बाद उनके ठिकानों को खंगाला गया है। जांच में सामने आया है कि राशिद नसीम एजेंटों को ईडी द्वारा जब्त की गयी अपनी संपत्तियों की जानकारी देकर उनको औने-पौने दामों में बेचने का निर्देश दे रहा था। इसके बदले एजेंटों को कई गुना ज्यादा कमीशन दिया जा रहा था।
कई शहरों की संपत्ति के मिले दस्तावेज
छापों में ईडी के अधिकारियों को लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और दिल्ली की कई ऐसी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, जिनको ईडी जब्त कर चुकी है। बता दें कि ईडी शाइन सिटी की करीब 125 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को अब तक जब्त कर चुका है।
इन संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक है। इसी वजह से राशिद नसीम इन संपत्तियों को बेचने की फिराक में है। लखनऊ जेल में बंद उसका भाई आसिफ नसीम भी इसी तरह पॉवर ऑफ अटॉर्नी के जरिए संपत्तियों को बेचने की कवायद कर चुका है।
