सूर्य नमस्कार हेतु वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए वि. वि. का लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन ,

चंचल मन को स्थिर रखने के लिए योग दीपक की तरह,

प्रो. संजीव कुमार

आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे मनोयोग से मनाया गया। विश्वविद्यालय द्वारा सभी संबद्ध महाविद्यालयों को जो टारगेट दिए गए थे उनका भी प्रदर्शन काबिले-तारीफ रहा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में सबसे खूबसूरत चीज यह दिखी कि क्या क्या सीनियर क्या जूनियर एवं छात्र-छात्राएं सभी ऊर्जा से लबरेज दिखे । भारत सरकार द्वारा घोषित विश्व योग दिवस की थीम एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य को सार्थक करते हुए विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। आज विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्य रंग बिरंगे परिधान की जगह सफेद कलर के परिधान में दिख रहे थे इससे ही योग यानी जुड़ाव के शब्द की सार्थकता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही थी।

 

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6:30 से कुलपति प्रो. संजीव कुमार की अध्यक्षता एवं संयोजक प्रो. प्रशांत राय के संचालन में योग मुद्रा का विधिवत आगाज हुआ । योगाभ्यास कार्यक्रम के पूर्व आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी के लाइव प्रसारण देखा गया। प्रधानमंत्री जी ने खाद्य तेल पदार्थ के सेवन में देशवासियों से सतर्कता बरतने को कहा। आंध्र प्रदेश के समुद्र तट पर स्थित प्रकृति की गोद में विशाखापत्तनम पोर्ट के शिप पर लगभग 3 लाख लोगों के साथ प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री नायडू उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के साथ समेकित रूप से योग कर विश्व फलक पर भारत के योग की महत्ता से अवगत कराया। अपने आशिक उद्बोधन में कुलपति ने कहा हम मिली जुली संस्कृति में विश्वास रखने वाले लोग हैं। उद्बोधन के उपरांत कुलपति ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर आयोजित बृहद योग कार्यक्रम एवं सूर्य नमस्कार योग मुद्रा में सहभाग किया।

मीडिया प्रभारी डॉ . प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में 7:00 से 8:00 बजे तक तक कई आसन कराए गए जिसमें मुख्य रूप से कपालभाटि, प्राणायाम ,भुजंगासन ताड़ासन आदि अनेक योगासन कराए गए । विश्वविद्यालय में क्या आम हो या खास सभी सफेद टी-शर्ट परिधान में ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सभी शांति एवं समरसता का संदेश रहे हैं थे। 99 यूपी बटालियन एन सी सी आज़मगढ़, एन एस एस एवं रोवर रेंजर्स के छात्र अनुशासित तरीके से कतारबद्ध खड़े होकर अन्य छात्र-छात्राओं को अप्रत्यक्ष रूप से अनुशासन में रहकर योग करने और मुस्कुराते रहने का संदेश भी दे रहे थे। कुलपति प्रो .संजीव कुमार स्वयं योग की सभी विधा को विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के साथ करते दिखे, फिर वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए एक साथ सूर्य नमस्कार भी किया गया। अपने आशिक संबोधन में उन्होंने सफल आयोजन के लिए माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल का मार्गदर्शन एवं पूरे आयोजन समिति के सदस्यों को बधाई दी और अप्रत्यक्ष रूप से प्रकृति का सहयोग मिलने पर अदृश्य शक्ति को प्रणाम किया। उन्होंने कहां की मन चंचल होता है जिसके कारण तनाव जन्म लेता है ऐसे में योग दीपक की तरह मार्ग दिखाता है । विश्वविद्यालय के मुखिया ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ योगाभ्यास करना ही नहीं अपितु शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक तरीके से संपूर्ण पृथ्वी पर उपस्थित जीव जंतुओं का कल्याण करना भी होता है । प्रधानमंत्री के सूर में सुर मिलाते हुए योग अर्थात जुड़ने की महत्ता से भी उपस्थित जनसमूह को उन्होंने अवगत कराया ।

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. प्रशांत कुमार राय एवं योग गुरु टी एन चतुर्वेदी के कुशल निर्देशन में कुलपति सहित समूचा विश्वविद्यालय परिवार पूरे प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योग की सभी विधाओं तथा सूर्य नमस्कार की सभी विधाओं का अनुपालन करते हुए योग किया। कुलपति प्रो संजीव कुमार ने इस अवसर पर योगा-डे पुस्तक का लोकार्पण अपने सहकर्मियों एवं शिक्षक बंधुओं के साथ किया तथा इतने कम समय में पुस्तक प्रकाशन से लेकर संपादकीय टीम को बधाई दी।

कुल सचिव विश्वेश्वर प्रसाद ने अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा सफल आयोजन के लिए कुलपति जी सहित पूरी आयोजन टीम को बधाई दी।

इस अवसर पर जिन प्रमुख महानुभावों की उपस्थिति रही उसमें

प्रमुख रूप से प्रो. दिनेश, अध्यक्ष प्रो. जिमी, डॉ. पंकज, डॉ. सफीउल्लाह, डॉ .जयप्रकाश, डॉ. देवेंद्र , डॉ. आनंद, डॉ. घनश्याम ,डॉ .विष्णु डॉ. कौशल एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों के साथ-साथ वित्त अधिकारी, सहायक कुल सचिव कुलपति जी के निजी सहायक भूपेंद्र पांडे ,विपिन शर्मा एवं प्रियांशु आदि उपस्थित रहे ।

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