वाराणसी, 6 जुलाई —

कहते हैं फिल्मी कहानियाँ हकीकत से प्रेरित होती हैं, लेकिन इस बार हकीकत ने ही फिल्मी सीन को पीछे छोड़ दिया। रविवार को वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की चेकिंग के दौरान एक बड़ा हवाला रैकेट बेनकाब हुआ। टीम ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया, जिसके ट्रॉली बैग से 35 लाख रुपए नगद बरामद हुए।

पूछताछ में युवक ने जो राज खोले, उसने अफसरों को भी चौंका दिया। गिरफ्तार युवक ने बताया कि हवाला की रकम की पहचान के लिए केवल 1 रुपए के नोट के नंबर का इस्तेमाल किया जाता था। जब भी पैसे पहुंचाने होते, उसे एक व्यक्ति को 1 रुपए का नोट दिखाना होता, और नोट का नंबर मिलते ही पैसों से भरा बैग सौंप दिया जाता।

राजस्थान के बीकानेर से बनारस तक का कनेक्शन

जीआरपी क्षेत्राधिकारी कुंवर प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि पकड़ा गया युवक मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर का निवासी है और वाराणसी में मिर्च-मसाले का काम करता है। उसकी मुलाकात हवाला रैकेट से हुई और गिरोह में शामिल होकर उसने पहले भी 20 लाख रुपए बिहार पहुंचाए थे।

कोलकाता से मिलते थे निर्देश, व्हाट्सएप से चलता था पूरा नेटवर्क

पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरे रैकेट का संचालन कोलकाता निवासी ‘पंकज’ नामक शख्स करता है, जो व्हाट्सएप के जरिए एजेंटों को निर्देश देता था। ट्रेनों में रिजर्वेशन के लिए एजेंटों को पैसे दिए जाते थे और रकम पहुंचाने के बाद कमीशन भी मिलता था।

फिलहाल जीआरपी ने बरामद 35 लाख रुपए और युवक को आयकर विभाग को सौंप दिया है। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। इस चौंकाने वाले मामले ने एक बार फिर दिखा दिया कि हवाला कारोबार किस तरह तकनीक और चालाकी से संचालित किया जा रहा है।

 

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