आज़मगढ़ । ग्राम कटहन, तहसील मेहनगर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के जिलामंत्री रमेश राम ने अपने पुस्तैनी मकान के निर्माण को लेकर जातीय उत्पीड़न और महिला के साथ छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया है। रमेश राम अपने 40-50 वर्ष पुराने मकान की मरम्मत करवा रहे थे। 27 जुलाई की रात लगभग 8 बजे, गांव के ही राजेश सिंह ने उनकी पत्नी विमला देवी से कथित तौर पर छेड़खानी की।विरोध करने पर राजेश सिंह ने मकान निर्माण रोकने की धमकी दी। अगले दिन सिहपुर चौकी से फोन कर चौकी इंचार्ज ने मकान रोकने का आदेश बताया, जो राजेश सिंह द्वारा उपजिलाधिकारी से कथित रूप से कराया गया।

रमेश राम ने आरोप लगाया कि राजेश सिंह “उच्च जाति” का है और इसी सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने पहले शिकायत दर्ज नहीं कराई। अब जब प्रशासनिक स्तर पर मकान रोकने की कार्रवाई हो रही है, तो उनका परिवार बारिश में बेघर होने की कगार पर है। उपजिलाधिकारी मेहनगर से स्पष्ट किया जाए कि क्या उन्होंने मकान रोकने का आदेश दिया है। यदि भूमि में कोई कमी है तो मौके पर जांच कर समाधान किया जाए।राजेश सिंह के खिलाफ छेड़खानी और धमकी की कानूनी कार्रवाई की जाए।

यह मामला न केवल एक दलित नेता के साथ जातीय भेदभाव और महिला उत्पीड़न का है, बल्कि प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही हैं, तो यह घटना उत्तर प्रदेश में दलित नेताओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

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