आजमगढ़। आधा जून बीतने के साथ ही हर वर्ष सरयू नदी में बाढ़ का सिलसिला शुरू हो जाता है। एक ओर जहां दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं, वहीं कटान के कारण किसानों की कृषि योग्य भूमि नदी में समाहित हो जाती है। इस बार भी देवारा खास राजा गांव के लोगों को बाढ़ और कटान की चिंता सताने लगी है।
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रही कटान ने देवारा खास राजा गांव के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। सोमवार को आजाद अधिकार सेना के बैनर तले जिलाध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में बाढ़ पीड़ितों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कटान रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग की।
बाढ़ पीड़ित संगठन के महासचिव राजीव मिश्रा ने बताया कि देवारा क्षेत्र के 134 गांवों में से अब मात्र 42 गांव ही शेष बचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर से हाजीपुर गोला तक नदी किनारे सुरक्षात्मक बोल्डर लगाए जा रहे हैं, लेकिन देवारा खास राजा गांव को इस योजना से बाहर रखा गया है।
ग्रामीणों ने मांग की कि गांव का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर कटान रोकने के लिए सुरक्षा कार्य शुरू कराया जाए। साथ ही सिंचाई विभाग को पत्थर लगाने एवं अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कार्य की समय-सीमा निर्धारित कर उसकी सख्त निगरानी सुनिश्चित करने की भी मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि विभिन्न विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिससे दर्जनों परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान चंद्रबली, सूर्यदेव, सत्यनारायण, धर्मेंद्र निषाद, राम प्रसाद पटेल, सुनील चौधरी, वीरेंद्र, लालजी सहित बड़ी संख्या में बाढ़ पीड़ित ग्रामीण उपस्थित रहे।
