आजमगढ़ 17 जुलाई । आजमगढ़ जिले के इटौरा चंडेश्वर स्थित प्रो. बजरंग त्रिपाठी सैनिक स्कूल में शुक्रवार को प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के प्रेरणास्रोत एवं प्रख्यात शिक्षाविद स्वर्गीय प्रो. बजरंग त्रिपाठी की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया।

इन दोनों समारोह के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त विवेक ने विद्यालय को पूर्वांचल के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह संस्थान अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता से युक्त विद्यार्थियों का निर्माण करेगा।

आजमगढ़ जनपद के इटौरा चंदेश्वर स्थित प्रो. बजरंग त्रिपाठी सैनिक स्कूल में शुक्रवार को प्रथम शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रेरणास्रोत एवं प्रख्यात शिक्षाविद स्वर्गीय प्रो. बजरंग त्रिपाठी की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, प्रशासन, समाज और राजनीति से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने समारोह को गरिमामय बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त विवेक ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्पांजलि अर्पित कर प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि प्रो. बजरंग त्रिपाठी को पूर्वांचल का महामना कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि आज पूर्वांचल को पीपीपी मॉडल पर स्थापित पहला सैनिक स्कूल मिला है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना का संस्कार देने वाला संस्थान होता है। यहां से निकलने वाले विद्यार्थी भविष्य में देश के विकास और रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मंडलायुक्त ने बताया कि प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर संचालित सैनिक स्कूलों की संख्या सीमित है और आजमगढ़ का यह संस्थान पूर्वांचल के लिए विशेष उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सैन्य विज्ञान के अध्यापक रहे प्रो. बजरंग त्रिपाठी का सपना था कि पूर्वांचल के बच्चों को सैनिक शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं शिक्षा उपलब्ध हो।

समारोह को संबोधित करते हुए महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने ऑल इंडिया चिल्ड्रेन केयर एजुकेशनल एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. कृष्ण मोहन त्रिपाठी को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह विद्यालय आने वाले वर्षों में राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित मेधावी विद्यार्थियों का निर्माण करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण ही उन्नति का वास्तविक मार्ग है।

विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। अतिथियों ने विद्यालय की आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं, अनुशासित वातावरण और भविष्य की योजनाओं की सराहना करते हुए इसे पूर्वांचल के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल बताया।

कार्यक्रम के अंत में संस्था के चेयरमैन डॉ. कृष्ण मोहन त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना से परिपूर्ण बनाना है। उन्होंने सभी के सहयोग से विद्यालय को पूर्वांचल के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में स्थापित करने का संकल्प दोहराया।समारोह के अंत में सभी को धन्यवाद व्यापित किया गया।

इस अवसर पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त राम बाबू त्रिपाठी, ऑल इंडिया चिल्ड्रन केयर एजुकेशनल एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के रविंद्र नाथ त्रिपाठी एडवोकेट वेदांत त्रिपाठी ,सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, जिला अध्यक्ष हवलदार यादव सर्वोदय पब्लिक स्कूल के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव वेदांता इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक शिव गोविंद सिंह, भाजपा नेता अखिलेश मिश्रा गुड्डू, गोरखपुर क्षेत्र के रमाकांत मिश्रा, सेंट्रल बार एसोसिएशन के आद्या प्रसाद सिंह जिले के अनेक गणमान्य नागरिक, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने स्वर्गीय प्रो. बजरंग त्रिपाठी के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए उन्हें पूर्वांचल की शैक्षणिक चेतना का प्रेरणास्रोत बताया।

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