सतगुरु की शिक्षाओं पर चलने का दिया संदेश
रिपोर्ट – डॉ. वीरेंद्र कुमार सरोज
आजमगढ़, 29 जुलाई, 2026:- संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता जी की असीम कृपा से संत निरंकारी सत्संग भवन हरबंशपुर, आजमगढ़ जोन 61 के सत्संग भवन में जोन स्तरीय निरंकारी महिला संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक समागम में आजमगढ़, फैजाबाद, अम्बेडकर नगर, मऊ के साथ अन्य शाखाओं से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बहनों एवं साध संगत ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
समागम में रांची से पधारी ज्ञान प्रचारक बहन संगीता तिवारी ने सतगुरु माता जी की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल सत्संग सुन लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सतगुरु के वचनों को अपने जीवन में उतारना ही सच्चे भक्त की पहचान है। उन्होंने राजमाता जी द्वारा सुनाई गई शिकारी और पक्षियों की प्रेरणादायी कथा का उल्लेख करते हुए लालच से दूर रहने, आत्मचिंतन करने तथा सतगुरु की सिखलाईयों पर चलने की शक्ति प्राप्त करने का संदेश दिया। बहन संगीता तिवारी ने सत्संग को जीवन रूपी कल्पवृक्ष बताते हुए प्रेम, सेवा, विनम्रता, पाँच प्रणों के पालन, समय के सदुपयोग तथा संगत की शिक्षाओं को व्यवहार में अपनाने की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही सत्संग एवं आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ना आवश्यक है, जिससे उनमें मानवीय मूल्यों का विकास हो सके। उन्होंने सेवा और सत्संग को जीवन की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि इनका प्रभाव स्थायी एवं कल्याणकारी होता है । समागम के दौरान विभिन्न शाखाओं की बहनों ने भक्ति गीतों, कविताओं एवं प्रेरणादायी विचारों के माध्यम से सतगुरु के दिव्य संदेश का प्रसार किया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से ओत-प्रोत हो उठा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर आजमगढ़ जोन के जोनल इंचार्ज आदरणीय बहन डाक्टर रीता यादव ने संयोजक, संचालक, मुखी, सेवादल के सभी सदस्य एवं दूर-दराज से सम्मिलित हुई सभी बहनों एवं साध संगत का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
