ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकार बंधुओं से बात करते हुए राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ Nurul Huda ने कहा कि
मुस्लिम पवरिया पम्बरिया जाति जो भारत के विभिन्न राज्यो में पाई जाती है उत्तर प्रदेश में भी प्रत्येक जिले में 10 हजार से लेकर 30 हजार तक की संख्या में प्रत्येक जिले में निवास करती है। जिसकी सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, राजनैतिक स्थिति बद से बत्तर है। इनकी आर्थिक सामाजिक और शैक्षिक व राजनैतिक विकास के नाम पर शून्य है और इनको सत्ता के मुख्य धारा से जोडने व आर्थिक सामाजिक और शैक्षिक व राजनैतिक विकास व सत्ता के मुख्य धारा से जोडने हेतु रात पिछडे वर्ग आयोग मंे शामिल करने हेतु न्यायहित है। पत्रांक संख्या 4008/22-शो0प्र0-9/2003/ रा0पि0व0आ0/2026 पिछडा वर्ग राज्य आयोग उत्तर प्रदेश तृतीय तल, इन्द्रिरा भवन अशोक मार्ग लखनऊ दिनंाक 29.07.2026 के क्रम में आयोग द्वारा प्रस्तुत उत्तर प्रदेश के अन्य पिछडे वर्गो की अनुमन्य सूची में पवरिया/पम्बरिया जाति को सम्मिलित किये जाने का अनुरोध किया गया है। प्रकरण की सुनवाई माननीय आयोग द्वारा दिनंाक 20.08.2026 को समय 11.30 बजे स्थान कक्ष संख्या 315 कार्यालय उ0प्र0 पिछडा वर्ग राज्य आयोग में किये जाने का निर्णय लिया गया है। पत्रंाक संख्या 2377/22-शो0प्र0-9/रा0पि0व0आ0/2012 पवरिया/पमरिया जाति की निवास जनसंख्या व निवासत की नवीनतम् स्थिति जानने हेतु दिनंाक 24.06.2013 को पवरिया जाति का सर्वेक्षण किए जाने हेतु पिछडा वर्ग आयोग की जांच टीम उत्तर प्रदेश के चार जिले को चिन्हित किया गया था। जिसमें –
1. देवरिया – रूद्रपुर विधान सभा के करायल शुल्क मझवलिया, राजा की मझौली, लार , करायल शुक्ल , पैना, तेलिया, मईल, बालेपुर मठिया आदि।
2. आजमगढ़ – सगडी तहसील के जीयनपुर, चांदपट्टी, रौनापार, आजमपुर, कन्धरापुर, तथा मेहनगर तहसील आदि।
3. कुशीनगर – हाटा, भडंगवा, पडरौना, सोहन गडईया, रामकोला, आदि।
4. वाराणसी – बाबतपुर, हिंगारी, सरैया, बटलोहिया आदि।
चार जिलो को चिन्हित कर जांच रिपोर्ट पिछडा वर्ग आयोग की टीम द्वारा उपरोक्त जिलो के गांव का किया गया। पत्रांक संख्या 6215, 2377/22 राज्य पिछडा वर्ग आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा जांच किया जा चुका है।
अतः श्रीमान् से विनम्र निवेदन है कि मण्डन कमीशन 1980 क्रम संख्या 31 पर हिन्दू पवरिया शामिल है। भूलवश मुस्लिम शब्द छुट गया है। अतः श्रीमान् को अवगत कराना है कि इस बिरादरी में आजादी के 80 साल बाद भी एक भी जन प्रतिनिधि नही है। आज तक इस बिरादरी में एक भी विधायक, सांसद, राज्य सभा, विधान परिषद या नगर का कोई अध्यक्ष भी नही हुआ है , और न ही कोई आई0ए0एस0 या आई0पी0एस0 आज तक हुआ। इससे इनकी स्थिति को जाना व समझा जा सकता है। Nurulhuda ने बताया कि
1. पवरिया, पमरिया मुस्लिम विरादरी जो बिहार में अन्य पिछडा आयोग में शामिल है। अधिनियम 1991 के अधीन अत्यन्त पिछडा वर्ग क्रम संख्या 86 है।
2. मैथिली लोक साहित्य का अध्ययन ताराकान्त मिश्र द्वारा ‘‘जानकी प्रकाशन पटना दिल्ली, प्रथम संस्करण 1985 वर्ण व्यवस्था एवं व्यवसाय पेज नम्बर 62 है।
3. सच्चर कमेटी की रिपोर्ट जिसमें पवरिया-पमरिया (मुस्लिम) को दलित में रखने की बात कही है जो कि पेज नम्बर 202 पर है।
4. उत्तर प्रदेश पिछड़ी जाति के अन्तर्गत जिन जातियों को मण्डल आयोग की रिपोर्ट में शामिल किया गया है उनमे से एक नाम पवरिया (मुस्लिम जाति को भी किया गया है। जिसका सन् 1990 है लेकिन सम्मिलित नही किया गया।
5. मण्डल कमीशन 1980 में भी शामिल किया गया जो कि हिन्दू पवरिया के क्रम संख्या 31 है। इसे भी सम्मिलित नही किया गया। इसमें मुस्लिम शब्द छुट गया है।
6. रंगनाथ मिश्रा आयोग व जस्टिस रोहणी कमीशन की रिपोर्ट में भी इस जाति को अति पिछडो का अलग से आरक्षण कोटा देने की बात कही है।
अतः श्रीमान् से विनम्र प्रार्थना है कि मुस्लिम पवरिया पम्बरिया जाति को शैक्षणिक विकास, सामाजिक विकास व आर्थिक विकास व रानैतिक विकास व सत्ता के मुख्य धारा से जोडने हेतु अन्य पिछडा वर्ग आयोग की अनुमन्य सूची में शामिल करना न्यायहित है। जो इनकी सिपारिस मण्डल कमीशन , रंगनाथ मिश्रा आयोग , सच्चर कमेटी , काका काकलर कमीशन , रोहणी कमीशन की रिपोर्ट, फरवरी 1976 में मुंगेरीलाल आयोग ने 128 जातियों की सूची में मुस्लिम पवरिया को भी रिपोर्ट सौपी थी जो 1978 में 26 प्रतिशत सीटे आरक्षित करने की घोषणा भी की गयी थी। कर्पूरी ठाकुर फार्मुला बिहार के तर्ज पर मुस्लिम पवरिया के आर्थिक सामाजिक शैक्षणिक व राजनैतिक पिछडे पन व भूख मरी का दूर करने हेतु अन्य पिछडा वर्ग आयोग में शामिल करना न्यायहित होगा। बल्कि बहुत सारी उपरोक्त रिर्पोटो में अति पिछडा व दलित में सम्मिलित करने की बात कही है।
Nurul Huda ने सरकार से मांग किया कि
मुख्य मांगे –
1. कर्पूरी ठाकुर के फार्मुले पर बिहार के तर्ज पर अति पिछडे आयोग का गठन कर मुस्लिम पवरिया , नट , भाट गदेहडी , फकीर जोगी , मोची आदि जातियों को शामिल किया जाय।
2. बिहार के तर्ज पर अति पिछडा आयोग का गठन किया जाय।
3. अन्य पिछडा वर्ग आयोग में जो छुटी हुई जातिया है जैसे – पवरिया/पम्बरिया, गदेहडी, बनजारा, कबर खोदवा, गौरिया आदि घुमन्तु तथा अर्ध घुमन्तु जातियो को उत्तर प्रदेश के अन्य पिछडा वर्ग आयोग के लिस्ट में शामिल किया जाय।
4. माननीय मुख्यमंत्री जी को 39 जातियों के सर्वे में तीन मुस्लिम जातियों को डालने पर बधाई देते हुए सपा को घेरते हुए Huda ने कहा कि 12 जुलाई 2013 को उनकी सरकार पिछड़े वर्ग के मुस्लिम जातियों नकार दी और आज भी PDA में पिछड़े मुस्लिम जातियों की कोई जगह नहीं है.
ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मतिउल्ला खान शोहराब आलम , मुबारक अली , हाजी निजामुद्दीन , नबीसरवर , शहबाज़ , अख्तर , अशरफ , इस्राइल , चाद , एकलाख , नियाज़ , ईमरान , जावेद , मुस्तफ़ा
