मांगें पूरी न हुई तो-शिक्षक बटन दबाएगा,खिला कमल मुरझायेगा
—-डॉ0 दिनेश कुमार सिंह, अध्यक्ष
आज़मगढ़।संवाददाता न्यूज़।।
उच्च शिक्षा के शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश विश्विद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ(फुपुक्टा) के आह्वान पर विगत 2 नवम्बर से काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य करते हुए अगले चरण प्रदेश के अन्य जनपदों की भाँति,विश्विद्यालय शिक्षक संघ के नेतृत्व में जिलाधिकारी आज़मगढ़ को 31 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
अध्यक्ष डॉ0 दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने वर्षों से लंबित डिग्री शिक्षकों की जायज़ माँगों जैसे पुरानी पेंशन,सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष,पी0एच डी इंक्रीमेंट, पारिश्रमिक दरों में वृद्धि, अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को अनुदान पर लेना,नई शिक्षा नीति में सेमेस्टर प्रणाली जारी रखते हुए मुख्य परीक्षा वर्ष में केवल एक परीक्षा एवं अन्य मांगो को अब तक पूरा नहीं किया है,इसी कारण प्रदेश संगठन के निर्देश पर आज जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा गया है,मांगे पूरी न होने पर क्रमिक रूप से यह आंदोलन और तीव्र होगा और शिक्षक आने वाले चुनावों में सत्ता को अपनी ताकत का एहसास कराएगा।
महामन्त्री डॉ0 ज़र्रार अहमद ने कहा कि, शिक्षकों की सभी मांगें जायज़ हैं और सरकार को सामान्य क्रम में उन्हें पूरा करना चाहिए अन्यथा शिक्षक समुदाय आन्दोलित होगा तो सत्ता की चूलें हिलेंगी।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है उनकी उपेक्षा राष्ट्र की उपेक्षा है, इसलिए सरकार को चेतना होगा और हमारी मांगों को पूरा करना ही होगा।
सयुंक्त मंत्री डॉ0 अजय सोनकर ने कहा कि शिक्षक सदैव समाज की रचनात्मक शक्तियों के निर्माण में संलग्न होता है यदि उसकी मांगो को पूरा नहीं किया जाएगा तो उसकी खंडित मनोदशा से समाज की रचनात्मक शक्ति भी प्रभावित होगी।
महिला संयुक्त मंत्री डॉ0 रूबी अहमद ने कहा कि शासन का कार्य समाज के सभी घटकों को समन्वित करना होता है इसलिए शिक्षा के वाहकों, शिक्षकों की मांगे बिना शर्त पूरी करनी चाहिए।
कार्यालय मंत्री गौरव कुमार सिंह ने कहा कि सरकार को शिक्षकों को सड़क पर उतरने का अवसर नहीं देना चाहिए और जायज़ मांगों को स्वीकार कर लेना चाहिए।
इस अवसर पर,जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक संघ के पदाधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे।
