सात साै सुपरवाईजर के हाथो में सौंपी घर-घर दवा पहुंचाने की जिम्मेदारी
-चार हजार नौ टीमों का गठन कर 715 स्कूल कालेजों को किया चिंहित
आजमगढ़ जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए दस फरवरी से शुरु हाेने वाले अभियान को लेकर बुधवार को कार्यलय में सीएमओं की अध्यक्षता में स्वास्थ्य कर्मियों को जागरुक करते हुए घर-घर फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने की जिम्मेदारी दी गई।
फाइलेरिया मुक्त देश बनाने को स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर अभियान की शुरुवात हो गई है। लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने के लिए सीएमओं के निर्देश पर जिले में लगभग सात सौ सुपरवाइजर को जिम्मेदारी दी गई। घर-घर लोगों को दवा खिलाने के लिए चार हजार नौ टीम का गठन कर लोगों को दवा पहुंचाने के लिए संकल्पित किया गया। हालाकि जिले में कुल लगभग 52 लाख की आबादी के सापेक्ष 46 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य विभाग ने रखा है। फाइलेरिया के मरीजों को बेहतर उपचार व जांच का लाभ मिले जिसके लिए प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर एक आर आर टी टीम का गठन किया गया। वही क्षेत्र के 715 स्कूल और कालेजों का चिंहित किया गया। हालाकि वर्ष 2023 के अनुसार जिले में लिम्फोडिमा के 848 और हाइड्रोसील के 274 मरीज चिंहित किए गए है। रैली गोष्ठी व प्रतियोगिता का आयोजन कर लोगों फाइलेरिया रोग के बाबत जानकारी देने में विभाग जुटा है। वहीं फाइलेरिया की दवा खिलाने को स्वास्थ्य विभाग ने नई तरकीब अपनाई है। लंबाई के हिसाब से दवा की खुराक दी जाएगी। यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है। इसके लक्षण 10 से 15 वर्ष बाद सामने आते हैं। सीएमओ डा.इंद्र नारायण तिवारी ने बताया कि इस अभियान में दो राउंड होंगे। दोनों राउंड गोलियां खाने वाले व्यक्ति को फाइलेरिया से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी। बताया अभी तक सभी को अधिकतम दो गोली खाने को दी जाती थीं। अब किसको कितनी खुराक देनी है, ये घर-घर जाकर दवा बांटने वाले स्वास्थ्यकर्मी तय करेंगे। इसके लिए उनको ब्लाक मुख्यालय पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। फाइलेरिया से जंग का यह अभियान दस फरवरी 28 दिसंबर तक पूरा होगा। अबकी फाइलेरिया रोकने के लिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर कार्यक्रम के तहत इसे चलाया जाएगा।
इनसेट.ऐसे तय की गई है खुराक 90 से 119 सेंटीमीटर तक : एक गोली 120 से 140 सेंटीमीटर तक : दो गोलियां 141 से 158 सेंटीमीटर तक : तीन गोलियां 159 से अधिक सेंटीमीटर तक : चार गोलियां
